increase immunity power having Sattu
इविवि के भौतिक विभाग के शिक्षकों ने किया शोध
लॉक डाउन में राशन इकट्ठ करने की भी जरूरत नहीं
प्रयागराज। लॉक डाउन में फंसे लोगों के लिए अच्छी खबर है। वायरस से लड़ने के लिए अपने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी हैं तो सत्तू का इस्तेमाल करें। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भौतिक विभाग के शिक्षक प्रो. केएन उत्तम और उनकी टीम ने इस पर शोध किया है और उनका दावा है कि घर में रहते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सत्तू सबसे सुलभ और अच्छा आहार है।
प्रो. उत्तम के मुताबिक सत्तू में खनिजों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। उनकी टीम ने सत्तू में पाए जाने वाले इंग्रेडियंस पर काम किया है। सत्तू में चने की मात्रा सबसे अधिक होती है और शरीर में प्रोटीन बढ़ाने के लिए चना सबसे बेहतर है। प्रोटीन के साथ ही शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है और इसके बाद शरीर तमाम गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है। सत्तू बनाने की प्रक्रिया भी सरल है और इसमें लागत काफी आती है। सत्तू में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो इसे कई दिनों तक खराब नहीं होने देते हैं। ऐसे में अगर घर में सत्तू है तो आपात परिस्थितियों के लिए राशन इकट्ठा करके रखने की जरूरत नहीं है। प्रो. उत्तम के अनुसार अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि वास्कोडिगामा और कोलंबस जैसे समुद्र यात्रियों ने भी विश्व भ्रमण एवं नए दीपों की खोज के दौरान सत्तू को उपयोग भोजन के रूप में किया था।
सत्तू भारत के स्वदेशी प्रोटीन स्नोतों में से एक हैं और यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने का काम भी करता है। साथ ही सत्तू में अघुलनशील फाइबर की उच्च मात्रा मौजूद होती है जो कब्ज और एसिडिटी से निपटने में मदद करती है। सत्तू एक कम-ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड है और मधुमेह रोगियों के लिए बढ़िया विकल्प है, क्योंकि यह शुगर लेवल को बनाए रखने में मदद करता है। प्रो. उत्तम का कहना है कि बाजार में हर चीज को मॉडीफाई करके उतारा जा रहा है। ऐसे में सत्तू जैसे परंपरागत भोजन के महत्व से आम लोगों को अवगत कराना बहुत जरूरी है। प्रो. उत्तम के मुताबिक कुछ नए नैनो पार्टिकल्स के आधार पर भी वह और उनकी टीम टेस्टिंग में लगी हुई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सत्तू का उपयोग और बेहतर तरीके से किया जा सकता है।