फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संगीत में नौ साल तक ली गई गलत फीस

Thu, 06 Aug 2015 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में एम.म्यूज के छात्र-छात्राओं से नौ साल तक अवैध तरीके से फीस ली गई। कुलपति की ओर से गठित हाई पॉवर कमेटी ने रिपोर्ट में माना है कि संगीत परिषद के नाम पर फीस लिए जाने के लिए कार्यपरिषद और एकेडमिक काउंसिल से अनुमति नहीं ली गई है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को हुई बैठक में डीन आर्ट्स ने अतिरिक्त फीस न देने वाले छात्र-छात्राओं को भी मार्कशीट जारी करने का आदेश दिया। बैठक में यह भी निर्णय गया कि विभाग के शिक्षक यह लिखकर देंगे कि संगीत परिषद के लिए उन्हें अतिरिक्त फीस की जरूरत नहीं है। यह प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल और कार्यपरिषद में रखा जाएगा। कार्यपरिषद की अनुमति के बाद बी.म्यूज और एम.म्यूज के विद्यार्थियों से यह फीस नहीं ली जाएगी।
विज्ञापन


विभाग में विद्यार्थियों से संगीत परिषद के नाम पर 1250 रुपये अतिरिक्त फीस ली जाती है, लेकिन एम.म्यूज के कई विद्यार्थियों ने फीस नहीं दी। इसकी वजह से पहले उनकी परीक्षा और अब मार्कशीट रोक ली गई है। इसके अलावा भी विभाग में कई तरह के विवाद हैं। इसके मद्देनजर कुलपति प्रोफेसर एनआर फारूकी ने हाई पॉवर जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने पाया कि बी.म्यूज के विद्यार्थियों से यह फीस लिए जाने की अनुमति 2003 में एकेडमिक काउंसिल से ली गई थी लेकिन एम.म्यूज के छात्र-छात्राओं से यही फीस लेने का फैसला इसी साल जून में हुई कार्यपरिषद की बैठक में हुआ। जबकि, एम.म्यूज के विद्यार्थियों से भी 2006 से यह फीस ली जा रही है। कमेटी ने माना कि यह गलत है। इसकी बाबत डीन आर्ट्स प्रोफेसर सत्यनारायण की अध्यक्षता में हुई बैठक में एम.म्यूज के विद्यार्थियों को बिना अतिरिक्त फीस लिए मार्कशीट देने का निर्णय लिया गया। बैठक में शामिल विद्यार्थियों ने 2006 से अब तक ली गई फीस वापस करने की भी मांग की लेकिन फिलहाल उस पर कोई फैसला नहीं हो सका। छात्र बिना अनुमति अतिरिक्त फीस लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे थे। हालांकि बैठक में इस पर कोई निर्णय तो नहीं हुआ लेकिन एक बार फिर आंदोलन की आशंका जरूर बन गई है। बैठक में विभाग के शिक्षक भी मौजूद रहे।

छात्रा को दो महीने से परेशान कर रहा सिरफिरा
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की शोधछात्रा को सिरफिरा दो महीने से परेशान कर रहा है। उसने छात्रा को दो जून को मैसेज भेजकर धमकी दी थी। उसने छात्रा के बारे में आपत्तिजनक बातें भी लिखी थीं। इसके बाद उसने छात्रा के साथ विभाग के शिक्षकों को भी जान से मारने की धमकी दे डाली। गौर करने वाली बात यह है कि धमकी भी छात्रा के नाम पर दी गई। मैसेज भेजने वाले ने शिक्षकों के मोबाइल नंबर विश्वविद्यालय की वेबसाइट से प्राप्त किए हैं। वेबसाइट पर जिन शिक्षकों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं उन्हें ही धमकी भरा मैसेज पहुंचा है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरके उपाध्याय का कहना है कि शिक्षकों और छात्रा की शिकायत पुलिस को भेज दी गई है। उन्हें ही जांच करनी है।
विज्ञापन


कोर्ट जाएंगे छात्र
0 विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में परिषद के नाम पर अतिरिक्त फीस लिए जाने के विरोध में छात्रों ने होईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी की है। डीन से वार्ता के बाद छात्रों का कहना था कि उन्हें बताया गया कि एकेडमिक काउंसिल की अनुमति के बिना उनसे फीस ली गई। उन्हें यह भी बताया गया कि कार्यपरिषद ने इसी साल 13 जून को एम.म्यूज के विद्यार्थियाें से भी परिषद के नाम पर फीस लेने का आदेश दिया है। छात्रों ने कार्यपरिषद के इस फैसले पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना था कि बिना अनुमति उनसे 2006 से फीस क्यों ली गई। इसके अलावा कार्यपरिषद में इतने विवाद और विरोध प्रदर्शन के बीच कोर्स शुरू होने के नौ साल बाद इस तरह का आदेश किन परिस्थितियों में लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें