इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के मुगलपुरा में दर्ज गैंगस्टर मामले में मो. सईम को राहत देते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया है। कोर्ट ने कहा है कि याची को निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों पर रिहा किया जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के मुगलपुरा में दर्ज गैंगस्टर मामले में मो. सईम को राहत देते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया है। कोर्ट ने कहा है कि याची को निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों पर रिहा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने मो. सईम की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
विज्ञापन
याची सईम के अधिवक्ता ने तर्क दिया गया कि याची के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई दो प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई है। दोनों ही मामलों में उसे पहले ही जमानत मिली हुई है। मौजूदा मामले में पुलिस सियासी रंजिश के तहत झूठा फंसा रही है। वह किसी गिरोह का सदस्य नहीं है। 26 मई 2023 से जेल में बंद है और यदि उसे जमानत मिल जाती है तो वह जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा।
हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों के साथ-साथ अपराध की प्रकृति, साक्ष्य, आरोपियों की संलिप्तता और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को ध्यान में रखते हुए याची जमानत का हकदार है। लिहाजा, उसकी जमानत अर्जी स्वीकार की जाती है और उसे रिहा करने का आदेश दिया जाता है। हालांकि, कोर्ट ने जमानत स्वीकारते हुए कई शर्तें भी लगाई हैं। याची को उसका पालन करना होगा। अन्यथा उसकी जमानत अर्जी निरस्त हो सकती है।