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पीसीएस का कटऑफ जारी, मार्कशीट पर विवाद

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In the case of bullying the superintendent summoned in judicial high court
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने मंगलवार पीसीएस-2017 के कटऑफ अंक एवं मार्कशीट जारी कर दी। हालांकि मार्कशीट को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। आयोग ने इस बार व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए मॉडरेशन और स्केलिंग के बाद बनने वाली अंतिम मेरिट के प्राप्तांक ही मार्कशीट में दिए हैं जबकि अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक मार्कशीट से हटा दिए गए हैं। अभ्यर्थियों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे परीक्षा की पारदर्शिता प्रभावित होगी।
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इससे पहले आयोग अभ्यर्थियों की मार्कशीट में उन अंकों को भी जिक्र करता था, जो वास्तविक रूप से उन्हें मिलते थे और इसके साथ ही उन अंकों को भी मार्कशीट पर दर्ज किया जाता था, जो मॉडरेशन एवं स्केलिंग के बाद अंतिम मेरिट तैयार किए जाते वक्त निर्धारित किए जाते थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पता चल जाता था कि मॉडरेशन एवं स्केलिंग में कितने अंक बढ़ाए या घटाए गए। साथ ही अभ्यर्थियों को यह जानकारी भी मिल जाती थी कि किस विषय में अंक बढ़े और किस विषय में कम हुए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे परीक्षा की पारदर्शिता भी प्रभावित होगी। कैसे पता चलेगा कि जो अंक मिले, आयोग ने उसमें मॉडरेशन या स्केलिंग के तहत कितने अंक जोड़े या घटाए। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि अनिवार्य विषयों में मॉडरेशन और वैकल्पिक विषयों में स्केलिंग के बाद फाइनल मेरिट तैयार की जाती है। अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति न हो, इसीलिए आयोग ने अंतिम मेरिट के तहत अभ्यर्थियों को दिए गए अंकों का ही मार्कशीट में ब्यौरा दिया है। यह निर्णय अभ्यर्थियों के हित में लिया गया।
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विज्ञप्ति जारी करने में हुई गड़बड़ी
आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार अंतिम कटऑफ अंक को लेकर आयोग की ओर से जो विज्ञप्ति जारी की गई है, उसमें स्केल्ड/नॉन स्केल्ड प्राप्तांक लिखा हुआ है। इसमें ‘नॉन स्केल्ड’ लिपिकीय त्रुटिवश लिखा गया है। ‘नॉन स्केल्ड’ की जगह ‘मॉडरेटेड’ होगा। आयोग बुधवार को संशोधन पत्र जारी करेगा।
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