इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का जहां देश में सूपड़ा साफ हो गया था तो वहीं महज तीन साल बाद ही हुए चुनाव में कुछ हद तक कांग्रेस ने अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा हासिल कर ली। हालांकि लगातार दूसरी बार कांग्रेस ने फूलपुर सीट तो जरूर खो दी लेकिन, इलाहाबाद सीट पर कब्जा जरूर जमा लिया। इस चुनाव में दो बड़े राष्ट्रीय दल कांग्रेस और जनता पार्टी के दो-दो भाग हो गए थे। इसी वजह से इस चुनाव में कांग्रेस आई और कांग्रेस यू के बैनर तले प्रत्याशी मैदान में खड़े हुए थे। यही स्थिति जनता पार्टी की भी रही। तब जनता पार्टी (जेएनपी) और जनता पार्टी सेक्यूलर (जेएनपी एस) के बैनर तले प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
फूलपुर लोकसभा सीट से पिछले बार की विजेता कमला बहुगुणा इस बार भारतीय लोकदल की बजाय कांग्रेस आई के टिकट पर मैदान में खड़ी हुईं। उनका इस सीट से सीधा मुकाबला कुलभास्कर आश्रम डिग्री कालेज के शिक्षक बीडी सिंह से था। तब बीडी सिंह को लोग प्रोफेसर साहब कहकर भी पुकारा करते थे। बीडी सिंह को जनता पार्टी सेक्यूलर ने अपना उम्मीदवार बनाया था। इसके पूर्व बीडी सिंह वर्ष 1971 में हुए चुनाव में भी रनरअप रह चुके थे।
टेल बिरादरी में मजबूत पकड़ से बीडी सिंह ने यह चुनाव आसानी से जीत लिया। तब छह जनवरी को हुए मतदान के बाद उन्हें कमला बहुगुणा के 107032 मत के मुकाबले 145820 मत मिले। सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव ने बताया कि पटेल बिरादरी में होने की वजह से अल्लापुर निवासी बीडी सिंह की पटेलों में खासी पैठ भी थी। इतना ही नहीं सांसद बनने के बाद लोकसभा में उपनेता सदन भी बनाए गए। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने यह जिम्मेदारी सौंपी थी। तब चौधरी चरण सिंह नेता सदन थे। साधारण व्यक्त्वि वाले बीडी सिंह से हालांकि बाद में राजनीतिक कारणों से चौधरी चरण सिंह उनसे कुछ नाराज भी हो गए थे।
फूलपुर संसदीय क्षेत्र के लिए 1980 में हुए चुनाव में प्रत्याशियों को मिले मतों का ब्यौरा
प्रत्याशी का नाम पार्टी मिले मत
बीडी सिंह जनता पार्टी एस 145820
कमला बहुगुणा कांग्रेस आई 107032
रूप नाथ जनता पार्टी 56924
लक्ष्मी दत्त पांडेय निर्दलीय 8246
छोटे लाल यादव निर्दलीय 6909
नाटे राम निर्दलीय 6113
मो. ताहिर मुस्लिम मजलिस 6091
जीएस तिवारी आरआरपी 5470
रामदीन निर्दलीय 4113
शैलेंद्र निर्दलीय 4057
राजकुमार निर्दलीय 2249