धूमनगंज के देवघाट झलवा में निर्माणाधीन मकान में सो रहे मजदूर रामकिशुन की हत्या कर दी गई। वजनी चीज से किए गए वार से उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के वक्त बगल में सो रहे दो साथियों का कहना है कि रामकिशुन की चीख सुनकर नींद खुलने पर उन्होेंने हत्यारे को भागते हुए देखा लेकिन उसका चेहरा नहीं देख पाए। पुलिस का कहना है कि अज्ञात में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मूल रूप से कौशाम्बी के जाफरपुर महाबा का रहने वाला रामकिशुन मजदूरी करता है। वह पिछले कई दिनों से धूमनगंज के देवघाट झलवा में राजाशुक्ला के निर्माणाधीन मकान में लगा हुआ था। वह व उसके दो साथी रामभवन व महेश भी यहां मजदूरी करते थे। रात में तीनों निर्माणाधीन मकान में ही सोते भी थे। रोज की तरह बृहस्पतिवार रात भी तीनों सो रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रामभवन व महेश ने बताया कि रात दो बजे के करीब रामकिशुन की चीख सुनकर उनकी नींद खुली तो वह खून से लथपथ था।
उसके सिर में गहरी चोट लगी थी। पुलिस को सूचना देकर आसपास के लोगों की मदद से वह उसे अस्पताल ले गए जहां 11 टांके लगाने के बाद डॉक्टर ने उसे घर भेज दिया। सुबह सूचना पर घरवाले भी आ गए। इसी दौरान अचानक उसे उल्टियां होने लगीं और जब तक अस्पताल ले जाया जाता, उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पूछताछ में दोनों ने बताया कि नींद खुलने पर उन्होंने एक व्यक्ति को सीढ़ी से होकर भागते देखा लेकिन उसका चेहरा नहीं देख पाए। धूमनगंज इंस्पेक्टर अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि हत्या किसने और क्यों की, अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। जांच पड़ताल की जा रही है।
मोबाइल व नगदी गायब
पुलिस के मुताबिक, वारदात के वक्त मौके पर सो रहे मृतक केसाथियों का कहना है कि उनका मोबाइल व कुछ नगदी गायब है। हालांकि रकम 300-400 ही थी। उधर मृतक केशव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद हुआ जिसमें सिर में गहरी चोट लगने की वजह से मौत की बात सामने आई है। मृतक केपरिवार में पत्नी सविता देवी व दो बेटे आलोक 8 व आयुष 5 हैं।