इफको फूलपुर इकाई के पावर प्लांट में ब्वॉयलर फटने की घटना में गंभीर रूप से घायल एक और मजदूर की शुक्रवार सुबह अस्पताल में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसके शव को लेकर बरेली स्थित गांव चले गए। हादसे में अब मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। घायल 15 लोग अब भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
फूलपुर के इफको में 23 मार्च की दोपहर ब्वॉयलर फटने से वहां काम कर रहे जहां दो मजदूरों की मौत हो गई थी। वहीं सोलह मजदूर घायल हो गए थे। पहले सभी को इफको हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां से डाक्टरों ने इलाज के लिए शहर रेफर कर दिया। घायलों को शहर स्थित जीवन ज्योति, श्लोक हास्पिटल व अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
शुक्रवार की सुबह जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती बरेली के दिलीपपुर टांडा निवासी वेणु गोपाल (26) पुत्र परमेश्वरी ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बरेली स्थित गांव चले गए। वहीं घटना में घायल मजदूर गुलाब चंद्र (31), संदीप (30), अंकित यादव (20), भुल्लनराम (55), वीरेंद्र कुमार (40), सोनू (40), जंग बहादुर (40), विजय सिंह (35), नंदलाल (50), छत्रपाल, शिवकुमार, चंद्रशेखर व शिवप्रकाश का इलाज अलग-अलग अस्पतालों मेें चल रहा है।
शोक सभा में मजदूरों को श्रद्धांजलि
शुक्रवार शाम फूलपुर के बीरकाजी गांव में वरिष्ठ समाजसेवी दीनानाथ यादव के नेतृत्व में एक शोकसभा आयोजित की गई, जिसमें इफको हादसे में मृत मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर दो मिनट का मौन रखकर उपस्थित सभी लोगों ने मृतक मजदूरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता एजाज अहमद, एकबाल अहमद, अभिमन्यु भारतीया, मानिक चंद्र भारतीया, रामचंद्र तुफानी, मोहनलाल बिंद, ननकूराम, प्रेमचंद्र बिंद आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार फूलपुर के तिसौरा गांव में भी समाजसेवी रामचंद्र यादव ने शोकसभा आयोजित कर इफको हादसे में मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
चौथे दिन भी जारी रही हादसे की जांच
इफको फूलपुर इकाई में मंगलवार दोपहर हुए हादसे की जांच के लिए गठित हुई टीम शुक्रवार को चौथे दिन भी पड़ताल में जुटी रही। बता दें कि इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी द्वारा गठित आंतरिक जांच कमेटी के अलावा लेबर कमिश्नर द्वारा गठित डिप्टी डायरेक्टर आफ ब्वॉयलर तथा जिलाधिकारी प्रयागराज द्वारा गठित टीम एवं इफको की अन्य टीम की ओर से जांच की जा रही है। वहीं मजदूरों में चर्चा रही कि पिछले हादसे के दौरान भी तमाम टीमों ने जांच की थी, लेकिन किसी भी अफसर पर कार्रवाई नहीं हुई थी।