सरकार और यूपी बोर्ड की कोशिश के बाद भी बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वालों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बोर्ड की ओर से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के फार्म भरने में ऑनलाइन खामियों का फायदा उठाकर शिक्षा माफिया ने नौवीं एवं ग्यारहवीं के छात्रों के पंजीकरण के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी परीक्षार्थियों का बोगस पंजीकरण करवाकर उनकी जगह 10 वीं और बारहवी में बाहरी छात्रों से मोटी रकम वसूलकर एक छात्र के दो या उससे अधिक विद्यालयों से फार्म भरवा दिए।
अब प्रवेश पत्र तैयार करने के समय फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद बोर्ड की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। यूपी बोर्ड के इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली एवं मेरठ क्षेत्रीय केन्द्रों पर इस प्रकार की शिकायत सामने आई है। सबसे अधिक शिकायत वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय के गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया सहित कई जिलों में सामने आई है। इन जिलों में पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के बड़ी संख्या में छात्रों ने पंजीकरण करवा दिया है।
इन जिलों मेें शिक्षा माफिया की ओर से छात्रों को एक से अधिक केन्द्रों से फार्म भरवाकर परीक्षा पास कराने की गारंटी दी गई है। शिक्षा माफिया इस प्रकार निर्णय छात्रों को उनकी सुविधा वाले केन्द्रों का चुनाव नकल की व्यवस्था कर सकें। शिक्षा माफिया की इस हरकत के बाद अब बोर्ड की ओर से इन आवेदन पत्रों की जांच करके बाहरी परीक्षार्थियों का अभ्यर्थन निरस्त किया जाएगा। बोर्ड ने ऐसे मामलों की जांच शुरू करा दी है। यूपी बोर्ड की अपर सचिव प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार फर्जी आवेदन करने वालों की जांच करके उनका अभ्यर्थन निरस्त किया जाएगा।