माघ मेले के सेक्टर पांच के संगम लोअर मार्ग पर स्थित देवरहा बाबा के शिविर में थाईलैंड से मंगाए गए फूलों से रामार्चन होगा। देश-विदेश से करीब 15 लाख रुपये के फूल-पत्तियां मंगाई गई हैं। 10 दिन बाद देवरहा बाबा के शिविर में होने वाले रामार्चन की तैयारियां जोरों पर हैं। पूजन के लिए कई किस्मों के फूलों और पत्तियां मंगाई गई हैं। इसके लिए एक विशेष कुटिया भी शिविर में तैयार की जा रही है।
संगम की रेती के सेक्टर पांच में संत देवरहा बाबा का शिविर स्वामी रामदास जी महाराज संचालित करते हैं। इस शिविर में 50 फीट ऊंचाई पर लगाई गई अखंड ज्योति सर्दी, गर्मी और बारिश-बाढ़ में भी जलती रहती है। सावन के महीने में बाढ़ आने पर भी अखंड ज्योति सुबह और शाम जलाई जाती है। देवरहा बाबा को समर्पित यह शिविर और स्थापित कुटिया माघ मेले में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी है। क्या है रामार्चन
रामार्चन भगवान राम को समर्पित एक विशेष पूजा या महायज्ञ है, जिसमें प्रभु श्रीराम के साथ उनके परिजनों और सहयोगियों (जैसे शिव, ब्रह्मा) का पूजन होता है। यह एक प्राचीन अनुष्ठान है जो पापों का नाश, कष्टों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। इसके दर्शन और प्रसाद से भी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
थाईलैंड से मंगाए गए हैं तीन लाख रुपये के चार तरह के फूल
देवरहवा बाबा मंच न्यास के शिविर में 21 जनवरी को होने वाले रामार्चन के लिए थाईलैंड से चार किस्म के दुर्लभ फूल मंगाए गए हैं। जिनकी कीमत करीब तीन लाख रुपये हैं। फूलों से कुटिया सजाने वाले रामपूजन माली ने बताया कि थाईलैंड से लीली, एंथोरियन, ऑर्किट व कंडीशनर के फूल मंगाए गए हैं। बताया कि लीली एक पीस फूल 100 रुपये में मिलता है। ऑर्किट फूल की कीमत 500 रुपये बंडल है। एक बंडल में 10 पीस फूल होता है। इसी प्रकार बंगलूरू से चार से पांच प्रजातियों के गुलाब के फूल मंगाए जा रहे हैं। दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य राज्यों से भी फूल मंगाए गए हैं।
सुबह से शाम तक चलेगा पूजन, राजा भैया होंगे शामिल
रामार्चन पूजन सुबह सात बजे होगा। महंत रामदास जी महाराज एवं संयोजक पार्षद अनिल यादव धुन्नू ने बताया कि रामार्चन में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। कुंडा से विधायक एवं जनसत्ता दल पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया पूजन में मौजूद रहेंगे।