कोरांव के शहीद आरके तिवारी नगर मोहल्ले में मंगलवार को देर रात आपसी विवाद में बेटे ने ईंट से पिता की सिर कूंचकर हत्या कर दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पत्नी ने पति की हत्या को लेकर थाने में कोई तहरीर नहीं दी। फिलहाल पुलिस बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
कोरांव के शहीद आरके तिवारी नगर निवासी राजेश कुमार प्रजापति (45) पुत्र लालजी बापेशा किसानी करता था। वह शराब और गांजे का आदी था। जिस वजह से पत्नी सुनीता देवी और बेटे बाबूलाल से बहसबाजी होती थी।
राजेश कुमार मंगलवार सुबह अपने जीजा के साथ विंध्याचल दर्शन करने गया था। शाम को दर्शन करने के बाद वह नशे में बुत होकर देर रात अपने घर पहुंचा तो पत्नी सुनीता और बेटे बाबूलाल का पारा चढ़ गया।
रात करीब 11 बजे राजेश बेटे को खुद से अलग करने के लिए दरवाजे पर ईंट रखने लगा और पत्नी व बेटे को गालियां देने लगा। बाबूलाल ने जब उसे ईंट जोड़ने से मना किया तो वह बेटे को मारने पर आमादा हो गया। पिता की इस हरकत से आक्रोशित बेटे ने राजेश के हाथ से ईंट छीन लिया और सिर कूंचकर हत्या कर दी।
राजेश के माता-पिता ने भी जहर खाकर की थी आत्महत्या
पारिवारिक विवाद का राजेश के परिवार से पुराना नाता है। करीब 25 वर्ष पूर्व राजेश के पिता लालजी और माता नचकी देवी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय राजेश की उम्र बहुत कम थी। बचपन में ही सिर से माता पिता का साया उठ जाने के कारण वह गलत सोहबत में पड़ गया और नशे का लती हो गया था।
राजेश ने की थी छोटे भाई की हत्या
माता पिता द्वारा आत्महत्या कर लेने के बाद परिवार में राजेश और उसका छोटा भाई छोटू ही बचे थे। छोटू जब पांच वर्ष का था, तब राजेश उसका स्कूल में दाखिला कराने के लिए घर से निकला। उसके बाद छोटू लापता हो गया था। कुछ दिनों बाद छोटू का शव पुआल में दबा मिला था। बाद में पुलिस हिरासत में राजेश ने अपना जुर्म कबूल किया था।
पैतृक संपत्ति बेचने से राजेश के घरवालों में था असंतोष -
मृतक राजेश के परिवार में असंतोष का प्रमुख कारण उसके द्वारा नगर पंचायत में स्थित बेशकीमती जमीन को औने पौने भाव में बेचना भी था। पास पड़ोस के लोगों की माने तो जब राजेश के माता पिता ने आत्महत्या की थी तब उसके पास घर सहित लगभग 13 बीघे जमीन थी। जब राजेश नशे का लती हो गया तो वह पैसे के लिए जमीन बेचने लगा। देखते ही देखते उसने लगभग सात आठ बीघे जमीन बेंच दी, जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। अब जब महज चार पांच बीघे जमीन ही शेष बची है, फिर भी वह अपने आदत से बाज नहीं आ रहा था।
पत्नी ने नहीं दी तहरीर
बताते हैं कि बाबूलाल ने ही पिता राजेश की हत्या की है। फिर भी पुत्रमोह के कारण पत्नी सुनीता द्वारा अब तक कोरांव पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। प्रभारी निरीक्षक नितेंद्र कुमार शुक्ल का कहना है कि बेटे बाबूलाल को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।