इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) एवं क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर की ओर से प्रश्नपत्रों के निर्माण एवं परिमार्जन के संबंध में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला गुणात्मक सुधार, एवं तर्क क्षमता में वृद्धि के संकल्प के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि सीमैट के निदेशक एवं बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने कहा कि गहन अध्ययन एवं अध्यापन की प्रक्रिया से शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सकता है।
प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता बढ़ाकर छात्रों में कल्पनाशीलता, तर्क क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता में वृद्घि की जा सकती है। इस दौरान गणित, विज्ञान, सामाजिक विषय, अंग्रेजी एवं हिन्दी पांच विषयों का समूह बनाकर प्रश्नपत्रों के स्वरूप एवं संरचना पर चर्चा हुई। पांचों विषयों के मॉडल प्रश्नपत्र एवं ब्लूप्रिंट भी तैयार किए गए।
समापन समारोह में मौजूद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय ने विशेषज्ञों से छात्रों की आवश्यकता के अनुरूप प्रश्नपत्रों में बदलाव की बात कही। यूपी बोर्ड के अपर सचिव प्रशासन राजेन्द्र प्रसाद ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन यूपी बोर्ड के उपसचिव प्रशासन अरविंद कुमार पाठक ने किया। समापन समारोह में उपसचिव चन्द्रशेखर सहित 60 प्रतिभागी शामिल रहे।