फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी : सिर्फ अपराध करने के आरोप में किसी की स्वतंत्रता नहीं छीन सकते

Sat, 23 Mar 2024 12:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामले में प्रद्युम्न पर 2023 में गोरखपुर के थाना बड़हलगंज में डकैती व बरामदगी में मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट में मामला लंबित है। आरोपी दो फरवरी 24 से जेल में बंद है। वकील डकैती व चोरी की घटना को मनगढ़ंत बताते हुए जमानत देने की बात कही।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक) - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डकैती व बरामदगी में जेल में बंद आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। कहा, किसी भी व्यक्ति के जीवन व उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सिर्फ इसलिए नहीं छीना जा सकता कि उस पर अपराध करने का आरोप है। यह फैसला न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की कोर्ट ने सुनाया।

विज्ञापन


मामले में प्रद्युम्न पर 2023 में गोरखपुर के थाना बड़हलगंज में डकैती व बरामदगी में मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट में मामला लंबित है। आरोपी दो फरवरी 24 से जेल में बंद है। वकील डकैती व चोरी की घटना को मनगढ़ंत बताते हुए जमानत देने की बात कही। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। हाईकोर्ट ने "दोषी साबित न होने तक निर्दोषता की धारणा" सिद्धांत का जिक्र करते हुए आवेदक की जमानत अर्जी सशर्त स्वीकार कर ली।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें