मामले में प्रद्युम्न पर 2023 में गोरखपुर के थाना बड़हलगंज में डकैती व बरामदगी में मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट में मामला लंबित है। आरोपी दो फरवरी 24 से जेल में बंद है। वकील डकैती व चोरी की घटना को मनगढ़ंत बताते हुए जमानत देने की बात कही।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डकैती व बरामदगी में जेल में बंद आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। कहा, किसी भी व्यक्ति के जीवन व उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सिर्फ इसलिए नहीं छीना जा सकता कि उस पर अपराध करने का आरोप है। यह फैसला न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की कोर्ट ने सुनाया।
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मामले में प्रद्युम्न पर 2023 में गोरखपुर के थाना बड़हलगंज में डकैती व बरामदगी में मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट में मामला लंबित है। आरोपी दो फरवरी 24 से जेल में बंद है। वकील डकैती व चोरी की घटना को मनगढ़ंत बताते हुए जमानत देने की बात कही। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। हाईकोर्ट ने "दोषी साबित न होने तक निर्दोषता की धारणा" सिद्धांत का जिक्र करते हुए आवेदक की जमानत अर्जी सशर्त स्वीकार कर ली।