इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में यूजीसी एकेडेमिक स्टॉफ कालेज के सहयोग से पुनश्चर्या कार्यक्रम मंगलवार को शुरू हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुरेश चंद्र पांडेय ने काव्य की विविध प्रवित्तियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत वांगमय के विभिन्न आयाम हमेशा से चिंतन का केंद्र रहे हैं। इस परिपेक्ष्य में उन्होंने भारतीय और विदेशी विद्वानों के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में विषय प्रवर्तन प्रोफेसर हरिदत्त शर्मा और पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर रामकिशोर शास्त्री ने किया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर किश्वन जबीं नसरीन ने अध्यक्षता की। इससे पहले संयोजक प्रोफेसर मंजुला जायसवाल ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अतिथियों का स्वागत किया। प्रोफेसर शंकर दयाल द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ.रामसेवक दुबे ने संचालन किया। इस मौके पर प्रोफेसर उमाकांत यादव, प्रोफेसर कौशल किशोर श्रीवास्तव, प्रोफेसर सुचित्रा मित्रा आदि मौजूद रहे।