इलाहाबाद हाईकोर्ट की कमेटी ने कोरोना वायरस के संक्रमण की विभीषिका को देखते हुए प्रदेश की सभी जिला अदालतों को 28 मार्च तक के लिए बंद करने का आदेश दिया है। सभी जिला जजों को निर्देश दिया गया है कि कि वह सिर्फ अति आवश्यक मुकदमे की सुनवाई हेतु व्यवस्था करें, इनमें जमानत प्रार्थना पत्र जैसे आवश्यक मामले भी शामिल है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट 25 मार्च तक बंद
इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन ने कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए हाईकोर्ट और तीन दिनों तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसके तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट और उसकी लखनऊ खंडपीठ 23, 24 और 25 मार्च को बंद रहेगी। इसके स्थान पर इन तिथियों पर नियत मुकदमों की सुनवाई अब छह, सात और आठ अप्रैल को की जाएगी। यह जानकारी रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल आशीष कुमार श्रीवास्तव ने दी है। गौरतलब है कि इससे पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट को सैनिटाइजेशन के लिए 3 दिन बंद किया गया था, जिसे आगे बढ़ाकर अब 25 मार्च तक कर दिया गया।
इससे पहले योगी सरकार प्रदेश के हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों सहित राज्य की सीमा पर सघन चेकिंग का आदेश जारी कर चुकी है। इसके साथ ही मॉल्स बंद करने का भी निर्देश जारी किया है। सभी धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मांगलिक गतिविधियों/कार्यक्रमों को दो अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वैवाहिक कार्यक्रमों में आमंत्रितों की संख्या को 10 तक सीमित रखने के लिए कहा गया है। लखनऊ, नोएडा और कानपुर शहर जैसे संवेदनशील शहरों को सैनिटाइज किया जाएगा।
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए शनिवार को योगी सरकार ने तत्काल प्रभाव से 35 लाख मजदूरों को 1000 रुपये प्रति व्यक्ति देने का निर्णय लिया है। ताकि उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके। स्कूल कॉलेजों को पहले ही बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं को आगे बढ़ा दिया गया है।