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शहरी क्षेत्र में भी अवैध खनन, यमुना किनारे करोड़ों की बालू डंप

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घूरपुर के कैनुआ-कंजासा गांव में घाट पर ट्रक में बालू लोड कराते माफिया - फोटो : NAINI
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शहरी क्षेत्र में भी अवैध खनन, यमुना किनारे करोड़ों की बालू डंप
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0 करेली थाना प्रभारी ने एसएसपी को सौंपी रिपोर्ट, बड़े पैमाने पर चल रहा खेल
0 रवन्ना भी हुआ जारी लेकिन पट्टों तथा बालू के बारे में बताने वाला कोई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। शहरी क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे बालू खनन का अवैध कारोबार बिना रोकटोक जारी है। अफसराें तथा बालू माफिया के गठजोड़ से अवैध खनन का बड़ा खेल चल रहा है तथा नदी के किनारे करोड़ों रुपये की बालू डंप है। करेली थाना प्रभारी ने जांच के बाद एसएसपी को रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि, खनन विभाग के अफसरों को अभी इस रिपोर्ट की जानकारी नहीं है।
शिकायतों के बाद प्रशासन तथा खनन विभाग की ओर से समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन खनन माफिया अब शहरी क्षेत्र में भी घुस गए हैं। यमुना नदी में करैलाबाद, सैदपुर, मदारपुर, जलालपुर, करेंहदा आदि घाटों पर बड़े स्तर पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। इन घाटों पर जगह-जगह बड़ी मात्रा में बालू डंप है। खास यह कि खनन के साथ बालू ढुलाई के लिए रवन्ना भी जारी किया जा रहा है, लेकिन किसके आदेश पर यह सब हो रहा है इसे बताने वाला कोई नहीं है। थाना प्रभारी विनित सिंह का कहना है कि खनन का पट्टा है या नहीं तथा रवन्ना किसके आदेश पर जारी किया जा रहा है इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं था। यहां तक कि खनन विभाग के अफसरों ने भी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं बताया। वहां डंप बालू का कोई मालिक भी सामने नहीं आया। उन्हाेंने पूरी रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। रिपोर्ट डीएम को भी भेज दी गई है।
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रोक के बावजूद जारी रहा खनन
0 यमुनापार के मेजा, बारा, करछना और कोरांव में माफिया सक्रिय, अफसर मौन
0 रात में भी जारी है खनन, अफसरों से छिपाने के लिए घाट से काफी दूरी पर किया जा रहा डंप
प्रयागराज/घूरपुर। खनन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद बालू खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके बावजूद यमुना और गंगा दोनों नदियों में अवैध खनन का कारोबार जारी है। यमुनापार में इस तरह की अधिक शिकायत है। अफसरों से छिपाने के लिए खनन माफिया घाटों से पांच से 10 किलोमीटर दूर ले जाकर बालू डंप कर रहे हैं।
यमुना नदी व टोंस पर मड़ौका, बसवार, कैनुआ, कंजासा, बीकर, बीरबल, अमिलिया, सेमरी, पड़ुआ, प्रतापपुर, मेजा, खीरी, कौंधियारा समेत करीब एक दर्जन बालू घाट लिखा पढ़ी में है। इसके अलावा कई ऐसे भी घाट हैं जो अनाधिकृत हैं। इन घाटों पर शुक्रवार को भी बालू खनन का कार्य धड़ल्ले से चला। रात में यमुना व टोंस नदी के बीच में खड़ी बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनें बालू निकासी कर रहीं थीं। ट्रैक्टरों और ट्रकों से बालू को घाट पर से हटाने का कार्य भी जारी रहा। अकेले कंजासा गांव में ही चार घाट से बालू का खनन जारी रहा। बीकर, कैनुआ, अमिलिया, बीरबल, सेमरी, पड़ुआ प्रतापपुर आदि ऐसे घाट हैं, जहां रोक लगने के बाद बालू खनन का कार्य और तेज हो गया है। क्षेत्र में यहां तक चर्चा है कि बालू खनन पर रोक है या फिर छूट मिल गई है। कई चेकिंग प्वाइंट पर वाहनों की जांच नहीं होने से भी इस अवैध कारोबार को और छूट मिल गई है।
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अवैध बालू पत्थर लदा ट्रैक्टर सीज, चालान
शंकरगढ़। शंकरगढ़ थाना के भैसहाई पहाड़ से पत्थर बालू के अवैध खनन का मामला पकड़ा गया है। पुलिस ने शुक्रवार को बालू लदा ट्रैक्टर पकड़ा। ट्रैक्टर सीज करने के साथ चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। थानाध्यक्ष शंकरगढ़ ओम शंकर शुक्ला तथा उपनिरीक्षक जगनारायण ने अपनी टीम के साथ भैंसहाई पहाड़ की तरफ से बालू पत्थर लदे ट्रैक्टर को पकड़ा। चालक के पास कोई कागजात न मिलने पर पुलिस ने ट्रैक्टर को सीज कर दिया और चालक शैलेंद्र कुमार पुत्र मोतीलाल निवासी भैसहाई, शंकरगढ़ के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया।
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