करेली के जलालपुर भर्ती गांव में घर के भीतर अवैध असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई। पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर मौके से 10 तमंचे बरामद किए हैं। खास बात यह है कि दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं और छूटने के बाद फिर उसी धंधे में लग गए थे। एएसपी अमित आनंद ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोमवार को जलालपुर भर्ती गांव स्थित एक घर में छापा मारा।
भीतर तमंचा बनाने की फैक्ट्री चलती मिली। इस दौरान दो व्यक्तिओं ने दीवार फांदकर भागने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। पुलिस ने मौके से 10 तमंचा, कारतूस व तमंचा बनाने के उपकरण दाब मशीन, ड्रिल मशीन, आरी, रेती, लोहे की चादर, स्प्रिंग, छेनी, कील, रिपिट आदि बरामद किया। पकड़े गए आरोपी जीतलाल व उसका बेटा मक्खन लाल थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने उन्हें 10 तमंचे बनाने का आर्डर दिया था। जिसके लिए उसने 10 हजार रुपये एडवांस भी दिए थे। कुल सौदा 50 हजार रुपये का था। बताया कि जिले के अलावा कौशाम्बी, प्रतापगढ़ व फतेहपुर में भी उन्होंने अवैध असलहों की सप्लाई की थी।
साल भर से चल रहा था गोरखधंधा
बड़ा सवाल यह है कि करेली में पुलिस की नाक के नीचे साल भर से अवैध असलहा फैक्ट्री चलती रही और उसे कैसे भनक तक नहीं लगी। खास बात यह रही कि जीतलाल के घर में छह साल पहले भी अवैध असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई थी जिसमें वह जेल भी भेजा गया था। यह उसका दुस्साहस ही था कि छूटने के बाद उसने फिर उसी जगह अवैध असलहा बनाने का काम शुरू कर दिया। अगर वास्तव में पुलिस को इस गोरखधंधे की जानकारी नहीं थी तो यह उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल है। घर में अवैध असलहा बनाने के आरोप में जेल जा चुके अपराधी की खबर क्यों पुलिस की ओर से नहीं जुटाई गई।