आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है और अभ्यर्थियों से संपर्क किया जा रहा है। अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को निजी एजेंसियां रोजगार के लिए आमंत्रित करें, इसके लिए आयोग अपने स्तर से एजेंसियों से संपर्क करेगा। साथ ही प्रदेश सरकार से भी सहयोग लिया जाएगा कि वे निजी एजेंसियों को इसके लिए तैयार करे।
आयोग का मानना है कि जो अभ्यर्थी प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित पीसीएस परीक्षा में इंटरव्यू तक का सफर पूरा कर रहे हैं, वे मेरिट में किसी से कम नहीं हो सकते। तीन लेयर की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर इंटरव्यू तक कोई मेधावी ही पहुंच सकता है। ये मेधावी पीसीएस परीक्षा के साथ अपने धैर्य की परीक्षा भी देते हैं और वर्षों लगातार मेहनत करते हैं। ऐसे में निजी एजेंसियों को इन मेधावियों को वरीयता देनी चाहिए और इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
पीसीएस मेंस के आवेदन में होगा सहमति का कॉलम
आयोग की तैयारी है कि आगामी पीसीएस भर्तियों में मुख्य परीक्षा के आवेदन में अभ्यर्थियों से उनकी सहमति लेने से संबंधित एक कॉलम भी शामिल कर लिया जाए। पीसीएस-2023 की मुख्य परीक्षा से इसे लागू करने की तैयारी है। मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहा कोई अभ्यर्थी अगर यह चाहता है कि प्रमाणित डाटा में उसका नाम और नंबर शामिल किया जाए, तो उसे आवेदन में सहमति का कॉलम भरना होगा।
अन्य भर्तियों के अभ्यर्थी भी होंगे शामिल
पीसीएस परीक्षा में इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद उन भर्तियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जिनमें लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन होता है। इनमें सम्मिलत राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा, राज्य कृषि सेवा, पीसीएस जे जैसी भर्तियां शामिल हैं। पीसीएस के बाद सबसे पहले सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा भर्ती को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा और जो अभ्यर्थी अपनी सहमति देंगे, उनके नाम और फोन नंबर आयोग जारी करेगा, ताकि निजी एजेंसियों में भी उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें।