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PCS 2019 Exam: प्रमुख सचिव बने तो मस्तिष्क ज्वर पर कैसे काबू पाएंगे?

Wed, 23 Sep 2020 10:54 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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यूपीपीएससी - फोटो : अमर उजाला
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परिपत्र किस कहते हैं? स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव की ओर से प्रदेश के पूर्वी जिलों के बच्चों को मस्तिष्क ज्वर से बचाने के लिए उचित व्यवस्था हेतु परिपत्र तैयार कीजिए। यह सवाल मंगलवार से शुरू हुई पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा के हिंदी के पेपर में पूछा गया। अभ्यर्थियों को पिछले साल के मुकाबले हिंदी का पेपर आसान लगा, जबकि निबंध का पेपर समसामयिक मुद्दों पर आधारित रहा।
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पहली पाली में हुए सामान्य हिंदी के पेपर 150 अंकों का था और सभी प्रश्न अनिवार्य थे। अभ्यर्थियों से यह सवाल भी पूछा गया कि गृह विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी किसी कर्मचारी के स्थानांतरण संबंधी कार्यालयी आदेश का प्रारूप तैयार कीजिए। इसके अलावा गद्यांश से सवाल पूछे गए। ‘परिचत’, ‘आपत्ति’, ‘पूर्ण’, ‘धरती’, ‘प्रिय’, ‘जय’ जैसे शब्दों के विलोम भी लिखने थे। उपसर्ग और प्रत्यय से जुड़े सवाल भी आए। वर्तनी और वाक्यों को शुद्ध करने के साथ दस मुहावरों और लोकत्तियों से जुड़े सवाल पूछे गए।

देहरादून से परीक्षा में शामिल होने आए सर्वे ऑफ इंडिया में वरिष्ठ लेखाकार अरुण कुमार भारद्वाज के मुताबिक हिंदी का पेपर संतुलित था और दूसरी पाली में हुई निबंध की परीक्षा में भी सवाल स्तरीय थे। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी प्रतापगढ़ के अनिल कुमार और जौनपुर के अरुण यादव के अनुसार निबंध के पेपर पूछे गए ज्यादातर सवाल समसामयिक घटनाओं पर आधारित रहे। कुल 150 अंकों का पेपर तीन खंडों में बंटा था। प्रत्येक में किन्हीं तीन में से एक विषय यानी कुल तीन विषयों पर निबंध लिखने थे।
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पहले खंड में ‘साहित्य और नैतिक मूल्य’, ‘यौन अपराध: कारण और निवारण’ एवं ‘एक देश, एक संविधान’, दूसरे खंड में ‘जनजागरूकता में सोशल मीडिया की भूमिका’, ‘डिजिटल अर्थव्यवस्था: संभावनाएं और चुनौतियां’ एवं ‘भारत का किसान: हमारा अभियान’ और तीसरे ख्खंड में ‘भारतीय विदेश नीति के बदले प्रतिमान’, ‘भारत में संसाधन प्रबंधन’ एवं ‘नमामि गंगे मिशन’ विषय पर निबंध लिखने थे।

‘हिंदी का पेपर पिछले साल जैसा था। निबंध के पेपर में ज्यादातर विषय ऐसे थे, जो समसामयिक मुद्दों पर आधारित थे। नमामि गंगे मिशन पर लगातार कुछ न कुछ अपडेट होता रहता है। भारत में संसाधन प्रबंधन को कोरोना काल से जोडक़र देखा जा सकता है। एक देश एक संविधान की बात लगातार हो रहे है।

भारतीय विदेश नीति के बदले प्रतिमान को चीन, पाकिस्तान और नेपाल के संदर्भ से जोडक़र देखा जा सकता है। किसानों से जुड़ा मुद्दा इन दिनों चर्चा में है। मौजूदा परिदृश्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। अगर छात्रों ने समसामयिक घटनाक्रम की तैयारी ठीक से की होगी, तो उन्हें निबंध के विषय चुनने में दिक्कत नहीं होगी।’ - अभिषेक उपाध्याय, सेंटर हेड, निर्माण आईएएस

पहले दिन 78.15 फीसदी रही उपस्थिति
- पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा के पहले दिन प्रयागराज, लखनऊ और गाजियाबाद के 12 केंद्रों में परीक्षार्थियों की उपस्थिति 78.15 फीसदी रही। मंगलवार को सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे की पहली पाली में सामान्य हिंदी और दोपहर दो से शाम पांच बजे की दूसरी पाली में निबंध की परीक्षा थी। मुख्य परीक्षा के लिए कुल 6119 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4782 उपस्थित और 1337 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रयागराज में पंजीकृत 2232 में से 1784, लखनऊ में 2311 में से 1739 और गाजियाबाद में पंजीकृत 1576 में 1259 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। बुधवार को सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र और सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी।
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