बारिश में शहर की उखड़ी और गड्ढों वाली सड़कों की बदहाली से शहरियों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम के मुख्य अभियंता और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जीएम को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी कार्य दुरुस्त न हुए तो वे बर्खास्तगी के लिए तैयार रहें। निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ 31 अक्तूबर तक पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की छवि खराब होती है, यह चिंतनीय है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बृहस्पतिवार पुलिस लाइन में कुंभ कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और विभिन्न विभागों के अफसरों के सामने महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बिंदुवार शिकायतें करते हुए कई विभागों का चिट्ठा खोला। इस पर नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जल निगम के मुख्य अभियंता और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जीएम को खड़ा कर पूछताछ की। कहा कि सीवरेज कार्यों में एक हफ्ते में सुधार न हुआ तो खुद को रिटायर मान लेें। उन्होंने जल संयोजन और सीवर कनेक्शन के बारे में भी स्थितियां सुधारने का निर्देश दिया। एडीए और नगर निगम के अफसरों को भी कड़ी चेतावनी दी। कहा कि 15 दिन बाद विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, कोताही मिली तो अधिशासी अभियंता स्तर के अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर विकास मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों पर गड्ढे न दिखें। जलभराव के कारण दूर किए जाएं। जिलाधिकारी सुहास एलवाई को निर्देश दिया कि स्थितियों को नियंत्रण में लाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाएं। एक सप्ताह में जो अधिकारी संतोषजनक परिणाम न दे पाएं तो उनके खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। डीएम ने बताया कि शुक्रवार को सभी कार्यदायी संस्थाओं की एक बैठक बुलाई गई है। इसमें निर्माण कार्यों से हो रही असुविधाओं को नियंत्रित कर लिया जाएगा। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि कुंभ की 504 परियोजनाएं प्रगति पर हैं। सभी की गुणवत्ता और गति पर नजर रखी जा रही है। बैठक में कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल, एडीए उपाध्यक्ष भानुचंद्र गोस्वामी, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, अपर नगर आयुक्त ऋ तु सुहास, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रतन दीक्षित, किरन जायसवाल समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।