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Prayagraj : बयान से मुकर जाए मुद्दई तो दोषसिद्धि का आधार खत्म, दहेज हत्या के आरोपियों को राहत

Sun, 19 Apr 2026 02:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के आरोपी ससुरालियों की बेगुनाही पर अपनी मुहर लगा दी। कहा कि जब मुद्दई ही अपने बयान से मुकर जाए तो दोषसिद्धि का आधार ही खत्म हो जाता है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के आरोपी ससुरालियों की बेगुनाही पर अपनी मुहर लगा दी। कहा कि जब मुद्दई ही अपने बयान से मुकर जाए तो दोषसिद्धि का आधार ही खत्म हो जाता है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने बुलंदशहर निवासी मृतका के पिता जयपाल की ओर से ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील खारिज करते हुए दिया है।

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बुलंदशहर के छतारी निवासी सोनम का विवाह फरवरी 2023 में सचिन के साथ हुआ था। दिसंबर में सोनम की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। पिता ने पति और सास-ससुर पर बुलेट की मांग को लेकर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।

ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ मृतका के पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल के दौरान युवती के मायके पक्ष के सदस्य और स्वयं उसके पिता जिरह के दौरान अपने बयानों से पलट गए। पिता ने स्वीकार किया कि ससुरालवालों ने कभी दहेज की मांग नहीं की थी। इसके अलावा साक्ष्यों से सामने आया कि विवाहिता पति संग दिल्ली जाकर बसना चाहती थी। ऐसा नहीं होने पर वह मानसिक रूप से परेशान थी।
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कोर्ट ने यह भी पाया कि घटना के बाद पति उसे तुरंत अस्पताल ले गया था, जो उसके निर्दोष आचरण को दर्शाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर प्रताड़ना का कोई भी बाहरी या आंतरिक निशान नहीं मिला। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही माना।

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