थाना क्षेत्र के हवेलिया वार्ड के नैका महीन गांव के रहने वाला अर्पित किसानों की बात मान गया होता तो शायद आज जिंदा होता। खीरा और ककड़ी की खेती करने वाले किसान ने एक साइकिल पर सवार होकर गंगा के किनारे पहुंचे तीनों किशोरों को गंगा में नहाने से मना किया था, लेकिन वे नहीं माने। नतीजा अर्पित और लवकुश गहरे पानी में डूब गए जबकि वैभव किसी तरह अपनी जान बचा पाया। अर्पित की मौत के बाद गांव की बस्ती में मातम पसरा रहा।
मंगलवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण तीनों दोस्त एक साइकिल पर सवार होकर घर से बाग में आम तोड़ने की बात बताकर निकले थे। लवकुश के पिता के सिंह यादव आवास विकास काॅलोनी में ठेले पर चाट का विक्रेता हैं जबकि अर्पित के पिता चंद्रभूषण भी छोटा मोटा कार्य करते हैं। मौके पर पहुंचे एसआई अखिल ओझा ने बताया कि गंगा के गहरे पानी के कारण ककड़ी के किसान ने किशोरों से कहा था कि पानी बहुत गहरा है। इसलिए उधर न जाओ। अर्पित के परिजनों के कहने पर पुलिस ने पंचनामे के बाद शव उन्हें सौंप दिया। लवकुश की तलाश के लिए बुधवार को एक बार फिर गोताखोरों को गंगा में उतारा जाएगा।