माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्वों पर अगर श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा बढ़ी तो महाकुंभ की तर्ज पर रेलवे प्रशासन खुसरोबाग का भी होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग करेगा। इसके अलावा संगम आने-जाने के लिए भी भीड़ बढ़ने पर नखास कोहना, चौक, पुरानी जीटी रोड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्वों पर अगर श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा बढ़ी तो महाकुंभ की तर्ज पर रेलवे प्रशासन खुसरोबाग का भी होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग करेगा। इसके अलावा संगम आने-जाने के लिए भी भीड़ बढ़ने पर नखास कोहना, चौक, पुरानी जीटी रोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में माघ मेला को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन के अफसरों की समन्वय बैठक में इन सभी सुझावों पर चर्चा हुई।
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डीआरएम ऑफिस स्थित संकल्प सभागार में डीआरएम रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में माघ मेले की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की उपस्थिति में एडीआरएम दीपक कुमार ने पीपीटी के माध्यम से शहर के सभी स्टेशनों की यात्री क्षमता एवं होल्डिंग एरिया के बारे में बताया। उन्होंने मेला स्पेशल ट्रेनों की भी जानकारी दी। कहा कि अधिकांश मेला स्पेशल ट्रेन ऑन डिमांड चलाई जाएंगी।
यह भी बताया कि प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर एकल दिशा प्रवेश होगा। इस दौरान सिटी साइड से ही यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा जबकि यात्रियों की निकासी सिविल लाइंस साइड से होगी। यात्रियों को सिविल लाइंस साइड से प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अगर मेला अवधि के सामान्य दिवसों में भी भीड़ बढ़ती है तब भी एकल दिशा प्रवेश और निकासी लागू की जा सकती है। इस दौरान प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी, प्रयागराज छिवकी, प्रयागराज रामबाग, झूंसी एवं फाफामऊ स्टेशनों से श्रद्धालुओं के संगम क्षेत्र तक आगमन एवं प्रस्थान के सभी मुख्य एवं वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार-विमर्श किया गया।