इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मुकदमा लंबित होने पर पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए संबंधित न्यायालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन करने निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मुकदमा लंबित होने पर पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए संबंधित न्यायालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन करने निर्देश दिया है। एनओसी मिलने के बाद पासपोर्ट कार्यालय दो माह के भीतर पासपोर्ट नवीनीकरण पर निर्णय ले। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने देवेंद्र यादव की याचिका पर दिया है।
विज्ञापन
याची के खिलाफ महाराजगंज के ठुठीबारी थाने में जानबूझकर चोट पहुंचाने, अपमान करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। आपराधिक मुकदमे में लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट कार्यालय ने पासपोर्ट नवीनीकरण से इन्कार कर दिया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के वकील ने कोर्ट में पवन कुमार राजभर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस का हवाला देते हुए कहा कि केवल केस लंबित होने से पासपोर्ट नवीनीकरण रोका नहीं जा सकता। कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित न्यायालय में आवेदन करने की स्वतंत्रता दी।