फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : विभागीय जांच में कर्मचारी बरी तो उससे वसूल की गई राशि ब्याज सहित लौटाएं

Fri, 02 May 2025 05:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

विभागीय जांच में कर्मचारी बरी हो जाता है तो उससे वसूल की गई राशि ब्याज सहित लौटाई जाए। इस टिप्पणी संग इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीपीआरओ के सात अप्रैल 2022 के वसूली आदेश को रद्द कर दिया।
विज्ञापन
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विभागीय जांच में कर्मचारी बरी हो जाता है तो उससे वसूल की गई राशि ब्याज सहित लौटाई जाए। इस टिप्पणी संग इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीपीआरओ के सात अप्रैल 2022 के वसूली आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने सोनभद्र के पार्थ राज सिंह की याचिका पर दिया।

सोनभद्र के दुद्धी थाने के सुंदरी गांव में याची ग्राम विकास अधिकारी है। उस पर गांव में सीमेंटेड बेंच लगवाने के लिए की गई खरीद में लगभग 2,78,106 रुपये के गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विभागीय जांच के दौरान डीपीआरओ के आदेश से उससे दो लाख 67 हजार रुपये वसूले गए। याची जब विभागीय जांच में बरी हो गया तो उसने वसूली गई राशि की मांग करते हुए याचिका दाखिल की।

अधिवक्ता विभु राय ने दलील दी कि विभागीय जांच में याची बरी हो गया है। ऐसे में वसूली गई राशि उसे लौटाई जाए। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने भी कोर्ट को बताया कि याची के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं। ऐसे में वसूल की गई राशि वह पाने का हकदार है। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद याची स्वीकार करते हुए वसूल की गई राशि आठ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें