थर्ड जेंडर को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए कई स्तर पर योजनाएं बनाई हैं। इसके लिए इनका विवरण तैयार कर पहचान पत्र बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। जिले में तीन किन्नराें का पहचान पत्र बन भी चुका है। इस आधार पर ये योजनाओं का सीधे लाभ पा सकेंगे।
किन्नर कल्याण बोर्ड की सोमवार को हुई बैठक में सदस्य कौशल्या नंदगिरी टीना मां ने बताया कि प्रदेश में समाज के लोगों का विवरण तैयार किया जा रहा है। इन्हें शिक्षित किया जाएगा। इसके तहत मुफ्त शिक्षा दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उनके लिए हर अस्पताल में पांच बेड का वार्ड होगा। स्वरूपरानी अस्पताल पांच बेड का अलग वार्ड बनाया भी जा चुका है। उन्होंने बताया कि किन्नरों की सुनवाई के लिए थानों में भी अलग सेल होगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर थर्ड जेंडर के लिए अलग टॉयलेट होगा।
उन्होेंने बताया कि प्रदेश भर में किन्नराें का सर्वे कराके विवरण सरकार को भेजा जाएगा। ताकि, उनके लिए योजनाएं शुरू करने के साथ पात्रों तक लाभ भी पहुंचाया जा सके। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह ने बताया कि जिले में 300 किन्नरों के होने की बात कही जा रही है। इनका विवरण तैयार कराया जा रहा है।
सेवायोजन पोर्टल पर होगा पंजीकरण
शिक्षित किन्नराें का सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। इससे इनके पास रोजगार पाने का अवसर होगा। इन्हें रोजगार मेले में शामिल होने का भी मौका मिलेगा।