जार्जटाउन थाने के करीब स्थित पूर्णिमा गर्ल्स हॉस्टल में रहकर आईएएस परीक्षा की तैयारी में जुटी एक छात्रा ने दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। सूचना मिलने पर जार्जटाउन पुलिस मौके पर पहुंच गई। उसने शव को कब्जे में लेकर उसे चीरघर भिजवा दिया है। पुलिस कॉल डिटेल के जरिए वजह तलाशने की कोशिश कर रही है। चित्रकूट के राजापुर निवासी पारुल 20 वर्ष पुत्री दीपक जायसवाल यहां रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। पिता चित्रकूट में इलेक्ट्रानिक वस्तुओं के व्यापार के साथ ही एक प्राइमरी विद्यालय भी संचालित करते हैं। पारुल को उन्होंने पिछले वर्ष तैयारी के लिए यहां भेजा था। इन दिनों वह ध्येय आईएएस में कोचिंग भी कर रही थी।
परिजनों के मुताबिक होली से कुछ दिन पहले वह चंद्रलोक स्थित अपनी मौसी के घर गई थी। वहां वह दो दिन रही। उसके बाद अपने घर लौट गई। बुधवार को रोजाना की तरह वह हॉस्टल में थी। शाम करीब छह बजे जब पड़ोस की लड़कियों ने उसका दरवाजा खटखटाया तब कोई जवाब नहीं मिला। अंदर देखने पर वह फांसी से लटकी दिखाई पड़ी। आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। उसे तुरंत पास के एक डॉक्टर के पास ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने कमरे की तलाशी ली लेकिन वहां कोई सुसाइट नोट नहीं मिला। परिवार के लोग भी आत्महत्या की वजह नहीं बता सके हालांकि उनका कहना है कि कुछ वर्ष पहले पारुल अवसाद का शिकार हो गई थी लेकिन उपचार के बाद अब ठीक थी। पुलिस ने चित्रकूट स्थित घर में भी सूचना भिजवा दी। दो भाई-अंकित और आदित्य के बीच पारुल सबसे छोटी थी। जार्जटाउन इंस्पेक्टर का कहना है कि आसपास पूछताछ के बाद भी आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। उसके मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है।