एनआरएचएम घोटाले के आरोपी आईएएस अधिकारी प्रदीप शुक्ला को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश संशोधित करते हुए प्रदीप को पांच लाख रुपये 24 मई तक निचली अदालत में जमा करने के लिए कहा है। सीबीआई कोर्ट ने यह राशि 50 लाख रुपये तय की थी। कोर्ट ने सीबीआई से इस मामले में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने तथा तब तक प्रदीप की गिरफ्तारी नहीं करने का आदेश दिया है।
प्रदीप शुक्ला ने सीबीआई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। इस पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने सुनवाई की। प्रदीप शुक्ला का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन सिन्हा ने रखा। प्रदीप को सीबीआई कोर्ट ने एनआरएचएम घोटाले में गत दिनों में जमानत दे दी मगर यह शर्त लगाई कि वह चार सप्ताह के भीतर 50 लाख रुपये कोर्ट में जमा कर देंगे। याची के वकील के कहना था कि रकम काफी अधिक है और याची के पास इतने रुपये नहीं हैं। इससे पहले दो अन्य जमानतों में भी कोर्ट 10 लाख रुपये जमा करा चुकी है। कोर्ट ने सीबीआई के वकील ज्ञान प्रकाश से पूछा कि 50 लाख रुपये जमा करने की शर्त लगाने का औचित्य क्या है। घोटाले की रकम कितनी है। सीबीआई ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह की मोहलत मांगी है। याचिका पर 25 मई को सुनवाई होगी।