कौशाम्बी संसदीय सीट से दूसरी बार भाजपा के टिकट पर सांसद निर्वाचित होने के बाद विनोद सोनकर ने गुरुवार की रात अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। कहा कि पिछले पांच साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम व लोकप्रियता के बूते मिली जीत को वह बेकार नहीं जाने देंगे। विनोद ने इसे जहां मोदी के काम की जीत बताया, वहीं नफरत व द्वेष की राजनीति करने वालों की हार करार दी। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में वह कौशाम्बी की गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ापन दूर करने के साथ ही युवाओं के पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का प्रयास करेंगे।
जीत के बाद अमर उजाला से खास बातचीत में नवनिर्वाचित सांसद ने अपनी भावनाओं को खुलकर साझा किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सांसद रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कौशाम्बी के लोगों की मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रयत्न किया था। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली। इस बार जनता ने उनको दोबारा मौका देकर जिम्मेदारी बढ़ा दी है। विनोद सोनकर ने कहा कि कौशाम्बी के गौरवशाली इतिहास को सहेजने के साथ ही यहां की कला और संस्कृति की रक्षा उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। साथ ही कौशाम्बी के किसानों, गरीबों, शोषितों के लिए बेहतर योजनाएं बनाने का वादा किया। कहा कि जनता ने विकास की राजनीति करने का एक और मौका दिया है। यही वजह है कि जाति-धर्म के नाम पर समाज को बाटने, नफरत फैलाने वाले दलों को न सिर्फ जनता ने नकारा, बल्कि उनको संदेश भी दिया कि अब घृणा और द्वेष फैलाने के एजेंडे पर राजनीति नहीं की जा सकती है।
आज दिल्ली रवाना होंगे विनोद सोनकर
मंझनपुर। कौशाम्बी के नवनिर्वाचित सांसद विनोद सोनकर नई सरकार के गठन को लेकर दिल्ली में बुलाई गई एनडीए की बैठक में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि देर रात उनके पास हाईकमान की ओर से बुलावा आ गया है।