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कुंभ 2019: सफाई कर्मचारियों के लिए यह क्षण अकल्पनीय था

Mon, 25 Feb 2019 01:41 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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modi - फोटो : prayagraj
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धन्य होईगएंव, प्रधानमंत्री मोहिं दैव हस पूजि दिहिन। मजै कय बात या है कि पूर दुनिया जान गय कि मोरे साथ इनतान भा कि इ...तान के जनम मोरे सात पुस्तन ना कोहू का मिला होई...जेकर प्रधानमंत्री गोड़ धोय दें, वोसे बड़ भागी को होई सकत है। कहां सफाई करत रहेवों, मनौ आज वीआईपी होइय गएवं...।
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कुछ इसी तरह के उद्गार थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर पखारने के बाद पांचों सफाईकर्मियों के, जो इस कदर प्रफुल्लित थे कि उनके बोल अटक रहे थे। वे बोले, बहुत सम्मान मिला। प्रधानमंत्री पैर धोएन। अब का चाही...इहां से जाइकै सगरन का बताइब...।

सफाई कर्मचारियों के लिए यह क्षण अकल्पनीय था। बातों-बातों में कभी उनका गला तो कभी आंखें भर आतीं। हैरत जताते रहे कि शनिवार आधी रात तक उन्हें कुछ भी पता नहीं था। रात करीब 12 बजे अन्य कर्मचारियों के साथ बांदा के प्यारे लाल, चौबी, नरेश कुमार, छत्तीसगढ़ की ज्योति तथा संभल के होरीलाल को भी अचानक बुलाया गया और उनके पास बनाए जाने लगे। प्रधानमंत्री पैर धोएंगे यह सुनकर वे अवाक रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था। भय भी था कि  कहीं कुछ और बात तो नहीं है।
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प्यारेलाल का कहना था, ‘बाबू हमारा कोई सम्मान करेगा..., हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। प्रधानमंत्री ने सबकुछ दे दिया।’ चौबी का कहना था, ‘अब भी सब कुछ सपने जैसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री ने उनके जैसे छोटे का सम्मान किया।’ ज्योति का कहना था, ‘यह वोट के लिए था या क्यों और कैसे किया गया, हम नहीं जानते। बस इतना जानते हैं कि आज प्रधानमंत्री ने हमारा मान बढ़ा दिया। गांव, रिश्तेदार सभी को बताएंगे।’ नरेश कुमार का कहना था, ‘यह दिन कभी नहीं भूलेगा। हमारा भी कोई सम्मान करेगा यह हमारे लिए कल्पना है। यहां तो प्रधानमंत्री थे।’ होरी लाल का कहना था, ‘प्रधानमंत्री से कोई बात नहीं हुई। हमें तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा है। दोबारा मिलने का सपना है।’
संगम की सफाई बनी चयन का आधार

आधी रात पीएमओ के संदेश पर कुंभ की व्यवस्था से जुड़े अफसर अचकचा गए। करीब बीस हजार सफाई कर्मचारियों में प्रतीकात्मक सम्मान के लिए पांच का चयन करने का काम भोर में किया जा सका। चयन का आधार बना संगम नोज का इलाका, जहां कुंभ के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ जुटी। वहां हर पांच मिनट में सफाई का ऐसा काम किया गया, जिसे सभी ने सराहा। सैकड़ों कर्मचारियों के बीच से सम्मान के लिए सभी आयु वर्ग के कर्मचारियों की खोजबीन की जाने लगी। अफसरों ने तय किया कम से कम दो प्रदेशों और तीन जिलों के एक बुजुर्ग, युवा और महिला सफाई कर्मियों की सूची बनाई जाए, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मानित करेंगे। करीब चार घंटे की जद्दोजहद के बाद चयन को बुलाए गए कर्मचारियों में बांदा के सर्वाधिक कर्मचारी सामने आए। अंतत: प्रतीकात्मक सम्मान के लिए बांदा के प्यारेलाल, चौबी, नरेश कुमार, संभल के होरीलाल और छत्तीसगढ़ की ज्योति शामिल थीं। खास यह रहा ये सभी संगम क्षेत्र में पिछले तीन से चार महीने से सफाई कर रहे थे। सभी हम उम्र न होते हुए भी स्वच्छता के प्रति समर्पित रहे।
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