कुंभ नगरी में संगम स्नान के बाद गंगा पंडाल के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अविरल और निर्मल गंगा का संकल्प फिर दोहराया। उन्होंने अपना पूरा जीवन मां गंगा को समर्पित करने की बात कही। साथ ही नाविकों से सीधा नाता जोड़कर गंगा के किनारे बसने वाले लोगों से भी भावुक रिश्ता कायम किया। उन्होंने कहा, ‘मुझ पर ऐसा ही स्नेह बना रहे, आपकी सेवा करता रहूं, यही मेरी कामना है।’
प्रधानमंत्री ने बताया कि दक्षिण कोरिया के शांति पुरस्कार के रूप में जो राशि मिली है, वह उन्होंने नमामि गंगे योजना को समर्पित कर दी है। यह राशि करीब 1.30 करोड़ रुपये हैं। बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मिले सम्मान और उपहारों की नीलामी जो राशि मिली, वह भी इस अभियान को समर्पित कर दी है। यह राशि करीब 12 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने अभियान के तहत गंगा में गिरने वाले नालों को बंद करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि योजनाओं पर भी चर्चा की और लोगों से इस अभियान में सहयोग की अपील की।