ड्रोन और आधुनिक कैमरों से होगा सर्वे
नालों का सर्वे आधुनिक कैमरों से होगा। इसमें ड्रोन कैमरों के साथ डीजीपीएस कैमरों से ड्रेनेज की खामियों का आकलन जाएगा। डीजीपीएस कैमरे इमारत की छत पर लगाए जाएंगे। इससे तीन से चार किमी के नालों की स्थिति को भांपा जाएगा। इस आधुनिक विधि से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने में सहायता मिलेगी। वहीं, कैंट एरिया में सर्वे के लिए सीएनडीएस ने छावनी परिषद से अनुमति लेने की तैयारी है।
निचले इलाकों को मिलेगी राहत
शहर के दारागंज (नागवासुकि क्षेत्र), बघाड़ा, सलोरी, अल्लापुर का कछारी हिस्सा, दरियाबाद, सदियापुर, नैनी, जॉर्जटाउन व झूंसी के तटीय क्षेत्र और करेली की कुछ निचली कॉलोनियां को जलभराव से मुक्ति मिलेगी। यह सर्वे पूरे शहर का है। ऐसे में सभी ड्रेनेज सिस्टम सही होंगे।
शासन ने हैदराबाद की टीम को सर्वे करने और डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है। दिसंबर तक शासन को डीपीआर भेज दी जाएगी। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का काम किया जाएगा। - सीडी मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएनडीएस