आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे जिस पति के लिए पत्नी ने कर्ज लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी, जमानत कराई। पति ने उसे ही मार डाला। घटना यूपी के कौशाम्बी जिले के महेवाघाट इलाके के घोघपुर गांव की है। महिला का शव मंगलवार की सुबह चारपाई पर मिला। गमछे से गला कसा हुआ था।
कर्ज चुकाने के लिए आए दिन होने वाला विवाद वारदात की वजह बताई जा रही है। आरोपी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि पति शिव भोला निषाद और पत्नी माया देवी (45) के बीच किसी बात पर सोमवार को भी कहासुनी हुई थी।
बेटी पूजा ने सुबह मां को चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा देखा। उसने बताया कि मां के गले में गमछा बंधा था। मुंह और नाक से खून निकल रहा था। इसके बाद लोगों को घटना की जानकारी हुई।
मंगलवार सुबह करीब सात बजे ग्राम प्रधान धर्मराज की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्राथमिक पड़ताल के बाद पुलिस का भी मानना है कि विवाद के बाद हत्या की गई। आरोपी के चचेरे भाई रामदयाल की तहरीर पर महेवाघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कर्ज का बोझ पत्नी पर डालता था आरोपी
पुलिस की पूछताछ में बेटी पूजा ने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए माता-पिता में अक्सर विवाद होता था। पिता कर्ज चुकाने से बचते थे। कहते थे कि पैसा उन्होंने नहीं लिया, मां ने लिया है। वही इंतजाम करे। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिव भोला निषाद पर वर्ष 2015 में अपने साढ़ू अजय कुमार की हत्या का आरोप लगा था।
मामले में वर्ष 2023 में न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद माया देवी ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर मुकदमे की पैरवी की और करीब छह महीने पहले पति की जमानत कराई थी। जमानत मिलने के बाद आरोपी मुर्गा बेचने का काम करता था। चर्चा में एक बात यह भी सामने आई कि आरोपी पत्नी पर शक करता था।
आजीवन कारावास की हुई थी सजा
छह महीने पहले ही जेल से बाहर आया था शिव
मामले की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-सत्यनारायण, पुलिस अधीक्षक