इलाहाबाद जिला न्यायालय ने दहेज हत्या में पति को दोषी करार देते हुए तीन साल के करावास और पांच हजार की सजा सुनाई है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश डॉ.लक्ष्मीकांत राठौर की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अखिलेश सिंह बिशेन की दलीलों और पेश गवाहों के आधार पर सुनाया है। मामला प्रयागराज के थाना खीरी का है।
वर्ष 2015 में धारा इटवा निवासी महफूज आलम के साले जमाल अहमद ने एफआईआर दर्ज करवाई। आरोप लगाया कि उसकी बहन सोनी की शादी चार साल पहले महफूूज आलम के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही महफूज, उसके भाई महबूब आलम, अमजद, उसकी पत्नी, मां कल्लीया और भाई मन्नू मोटर साइकिल की मांग को लेकर उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे।
दहेज की मांग को लेकर उसका गला दबा कर मार डाला। पुलिस विवेचना के बाद मुल्जिमों के खिलाफ आरोप पत्र लगया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने महफूज आलम को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।