नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने IIT, NIT, NIT व कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित Jee Main-II परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है।
आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी सहित अन्य केंद्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से घोषित जेईई मेंस के परिणाम में पहली बार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों के लिए आरक्षण का लाभ दिया गया है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ पाकर शहर में बड़ी संख्या में छात्रों को जेईई मेंस में सफलता मिली है। एनटीए की ओर से जारी परिणाम में 10 फीसदी आरक्षण का लाभ पाकर कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए अच्छे संस्थान में प्रवेश की राह खुली है।
एनटीए की ओर से जारी परीक्षार्थियों की सूची में ईडब्ल्यूएस के कुल 43, 035 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। ईडब्ल्यूएस में महिला वर्ग से 9658, पुरुष वर्ग से 33377 परीक्षार्थी शामिल हैं। गुरुकुल क्लासेस के संजय सिंह ने बताया अपने शहर में भी कमजोर वर्ग के 100 से अधिक छात्रों ने 10 फीसदी आरक्षण का लाभ लेकर जनवरी में हुई परीक्षा की अपेक्षा रैकिंग में सुधार किया है। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग के वह विद्यार्थी जो गरीब हैं, किसी कारण से मेरिट में नीचे रह जाते थे, अब ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू होने के बाद कटऑफ 78.21 पाकर सफल हो गए। जबकि सामान्य वर्ग का कटऑफ 89.75 है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों के लिए सफलता की राह आसान हुई है। विशेषज्ञ का कहना है कि ईडब्ल्यूएस और ओबीसी के कटऑफ में मात्र चार अंक का अंतर है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में शामिल 608440 परीक्षार्थियों में से 297932 परीक्षार्थियों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।
जेईई में पहली बार ट्रांसजेंडर शामिल
सुप्रीम कोर्ट की ओर से ट्रांसजेंडर के लिए पुरुष अथवा महिला वर्ग से अलग पहचान दिए जाने के बाद अप्रैल में हुई जेईई में इस वर्ग के कुल तीन परीक्षार्थी शामिल हुए। इसमें सामान्य, ओबीसी एवं एससी वर्ग से एक-एक परीक्षार्थी शामिल रहे।