फोटो परिचय। सीतामढ़ी में श्रीराम कथा कहते स्वामी हरिप्रपन्नाचार्य महाराज एवं कथा सुनते श्रद्धाल
अभियान एक ऐसा दुर्गुण है जो देवता या मानव द्वारा अर्जित किए गए सम्मान को भी नष्ट कर देता है। विनम्रता व संवेदनशीलता ही मानव का सर्वोत्तम गुण है।
उक्त बातें अखिल भारतीय राष्ट्रीय रामायण मेला सीतामढ़ी में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन शक्तिपीठाधीश्वर स्वामी हरिप्रपन्नाचार्य महाराज ने अपनी तपस्या पर देवर्षि नारद को हुए अभियान की कथा सुनाते हुए कही।
उन्होंने कहा कि अभिमान मानव का सबसे बड़ा शत्रु है। पद तथा धन की गरिमा के अहंकार में वह न्याय एवं धर्म का पालन करने के बजाय अन्याय और अधर्म की ओर अग्रसर हो जाता है। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष मुन्नालाल पांडेय, संयोजक धर्मेंद्र सिंह प्रधान,पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी भदोही बाल गोविंद शुक्ल, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, रमेश चतुर्वेदी, सुरेश दीक्षित, राममोहन मिश्र, सुनील सिंह, इंद्रेश पांडेय, लालमणि मिश्र, राजेश तिवारी आदि रहे।
फोटो परिचय। सीतामढ़ी में श्रीराम कथा कहते स्वामी हरिप्रपन्नाचार्य महाराज एवं कथा सुनते श्रद्धाल