युवक की हत्या के बाद भारी
बवाल, सीओ-इंस्पेक्टर घायल
एक दर्जन पुलिस कर्मी जख्मी, जान बचाकर भागे एसडीएम
पुलिस पर मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाकर किया चक्का जाम
कोरांव (प्रयागराज)। कोरांव में दो दिन पहले दबंगों की पिटाई से घायल युवक की मौत के बाद भारी बवाल हो गया। परिजनों ने शव कोरांव चौराहे पर रखकर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे सीओ और इंस्पेक्टर समेत एक दर्जन पुलिस वाले घायल हो गए। एसडीएम को जान बचाकर भागना पड़ा। कुछ ग्रामीणों को भी चोटें आईं। कई थानों की फोर्स बुलाकर मामला शांत किया गया। एसएसपी ने फोर्स के साथ पैदल मार्च किया।
कोरांव के सेमरिहा गांव निवासी रमेश कुमार सिंह (30) नौ अक्तूबर को कोरांव से वापस गांव लौट रहा था। तरांव गांव के पास दबंगों ने उसे पीटकर अधमरा कर दिया था। परिजन रमेश को थाने ले गए। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महज एनसीआर दर्ज कर रमेश को सीएचसी भेज दिया। वहां पर तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार की सुबह रमेश को प्रयागराज के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शव लेकर कोरांव चौराहा पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। इसी दौरान डीएम और एसएसपी को बुलाने की मांग को लेकर बात बिगड़ गई और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। एसडीएम कोरांव संदीप वर्मा और सीओ मेजा सहीराम आर्य आदि अधिकारियों को भागना पड़ा। इस दौरान सीओ को सिर में पत्थर लगने से गंभीर चोट लग गई। एसडीएम और इंस्पेक्टर कोरांव जान बचाने के लिए सराफे की दुकान में घुस गए तो ग्रामीणों ने दुकान पर पथराव शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर कोरांव अवन कुमार दीक्षित, एसओ मांडा प्रिंस दीक्षित, दरोगा कृष्ण मुरारी चौरसिया, राजेंद्र प्रकाश व मांडा थाने के सिपाही मनोज शर्मा समेत एक दर्जन पुलिस वाले घायल हो गए। सूचना पर एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। इसके बाद स्थिति संभली। एसएसपी अनिरुद्ध सत्यार्थ ने भी वहां पहुंचकर लोगों को समझाया बुझाया। फोर्स के साथ कोरांव में मार्च किया। एसएसपी अनिरुद्ध सत्यार्थ के मुताबिक फोर्स तैनात कर दी गई है। स्थिति अब नियंत्रण में है।
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छह के खिलाफ हत्या का मुकदमा
बवाल के बाद एसपी दीपेंद्र चौधरी ने घर वालों से दूसरी तहरीर देने को कहा। रमेश के पिता अमरनाथ सिंह की दूसरी तहरीर पर पुलिस ने विकास पांडेय, धर्मेंद्र तिवारी, अमित मिश्रा, दिवाकर पांडेय, राम कुमार विश्वकर्मा, नरेंद्र विश्वकर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। एसपी के मुताबिक सभी फरार हैं। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।