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Prayagraj News: परीक्षा के दिन कॉलेज में कैसे आया बाहरी व्यक्ति, उठे सवाल

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आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में कर्मचारी की संलिप्तता सामने आने के बाद अब बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज के प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि लोक सेवा आयोग जैसी संस्था की परीक्षा के दौरान कोई बाहरी व्यक्ति आखिर कैसे कॉलेज में प्रवेश कर गया। इतना ही नहीं, प्रश्नपत्र के बंडल तक भी अपने हाथों में ले लिए। फिलहाल, इस मसले पर स्कूल की प्रधानाचार्य ने कोई जानकारी न होने की बात कही।
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एसटीएफ का दावा है कि पूछताछ में कमलेश ने बताया है कि वह परीक्षा वाले दिन सुबह 6:45 पर कॉलेज में प्रवेश कर गया था। साथ ही स्कूल कर्मचारी अर्पित विनीत यशवंत की मदद से पेपर का एक बंडल अपने हाथ में ले लिया था। इसे स्ट्रॉन्ग रूम में की जगह एक अन्य कमरे में ले जाकर उसने पेपर की फाेटो मोबाइल से खींची और फिर इसे फाॅरवर्ड किया। सवाल यह है कि परीक्षा के दिन बाहरी व्यक्ति को कॉलेज के भीतर घुसने की अनुमति कैसे दी गई। कॉलेज में वह आ भी गया तो आखिर प्रश्नपत्र का बंडल उसके हाथों में कैसे सौंप दिया गया।
अर्पित अगर बाहरी व्यक्ति को कॉलेज में ले भी आया तो उसे प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों ने रोका क्यों नहीं या किसी की नजर उस पर कैसे नहीं पड़ी। इस मामले में प्रधानाचार्य पारुल सोलोमन का कहना है कि उन्होंने 2022 में कार्यभार संभाला और अर्पित इससे पहले से स्कूल में परीक्षा संबंधी काम देखता रहा है। कमलेश को वह नहीं जानती और उन्हें यह भी नहीं मालूम कि अर्पित उसे लेकर आया था। इस बारे में अर्पित ही जानकारी दे पाएगा।
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घरवालों ने कहा-लखनऊ गया है कमलेश
झूंसी। पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार कमलेश पाल के घरवालों ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी से इन्कार किया। घर के सदस्यों ने ज्यादा बात करने से भी इन्कार किया। बस इतना बताया कि वह किसी काम से लखनऊ गया है। उधर, ग्रामीणों ने बताया कि कमलेश घर के पास ही पांचवीं तक का एक स्कूल चलाता है। चर्चा यह भी रही कि वह पहले से पैसे लेकर नौकरी लगवाने के लिए कुख्यात है। हालांकि, पेपर लीक कराने में उसका नाम पहले कभी नहीं आया। संवाद
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