आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में रविवार को चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद एक और अहम खुलासा हुआ है। पता चला है कि नकल माफिया गिरोह ने पेपर दो जगहों से लीक कराया। एक दिन पहले प्रिंटिंग प्रेस/ट्रांसपोर्ट एजेंसी और फिर परीक्षा वाले दिन परीक्षा केंद्र में सेंधमारी कर पेपर निकाला गया। ऐसा पहले दिन लीक कराए गए पेपर की पुष्टि कराने के लिए किया गया।
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, दरअसल इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड मेजा निवासी राजीव नयन ने आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर एक दिन पहले ही लीक करा लिया था। उसे 10 फरवरी की शाम को ही प्रश्नपत्र मिल गया था। यही प्रश्नपत्र उसने गोंडा निवासी अमित सिंह और लखनऊ निवासी डाॅ. शरद सिंह पटेल को भेजा। जिस पर अमित ने प्रयागराज के आरोग्यम हॉस्पिटल और डॉ. शरद ने लखनऊ के प्लासियो मॉल के पास कार में अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाए थे।
सूत्रों के मुताबिक, डाॅ. शरद ने पूछताछ में बताया कि राजीव नयन ने पेपर लीक करा लिया था लेकिन वह इसे लेकर पूरी तरह कन्फर्म नहीं था कि यह असली पेपर है। यही वजह है कि राजीव के कहने पर डॉ. शरद ने लखनऊ के जीडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के मैनेजर व अपने परिचित सौरभ शुक्ला से पेपर लीक कराने को लेकर बात की। दरअसल, सौरभ ने उसे बताया था कि प्रयागराज के झूंसी का रहने वाला कमलेश पाल उसका जानने वाला है जिसकी वहां के स्कूलों में अच्छी सेटिंग है।
इसके बाद सौरभ ने ही कमलेश को लखनऊ बुलाकर उसकी मुलाकात डॉ. शरद से कराई। फिर कमलेश कई बार लखनऊ गया और सौरभ व डॉ. शरद से मिलकर योजना बनाई। इसके बाद अपने दोस्त अर्पित विनीत जसवंत के जरिए बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज से पेपर लीक कराया।
बिशप जॉनसन से लीक हुआ चारों सिरीज का पेपर
रविवार को गिरफ्तार कमलेश समेत चार सदस्यों से पूछताछ में ही यह भी खुलासा हुआ कि बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज से ही चारों सिरीज के पेपर लीक हुए। बताया कि राजीव नयन ने एक दिन पहले जो पेपर लीक कराया, वह सिर्फ एक ही सिरीज का था। 11 फरवरी को बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज में पहुंचकर कमलेश ने चारों सिरीज के पेपर का फोटो खींचकर इसे सौरभ को भेजा और इस तरह से गिरोह के सदस्यों को चारों सिरीज के प्रश्नपत्र मिल गए।
प्रयागराज से वाया लखनऊ होकर गैंग तक पहुंचा पेपर
आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर प्रयागराज से वाया लखनऊ गैंग के सदस्यों तक पहुंचा। दरअसल कमलेश ने स्कूल से पेपर का फोटो खींचने के बाद इसे लखनऊ में बैठे सौरभ को भेजा। सौरभ ने पेपर लखनऊ में ही मौजूद डॉ. शरद को व्हाट्सएप से दिया। इसके बाद डॉ. शरद ने मास्टरमाइंड राजीव नयन को चारों सिरीज के पेपर भेजे। साथ ही यह भी पुष्टि की कि एक दिन पहले लीक कराया गया पेपर भी सही है। इसके बाद ही राजीव नयन ने गिरोह के अन्य सदस्यों को पेपर की फाेटो भेजी।