पश्चिम एशिया में जंग के चलते बाजार में महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। बाहर से कच्चे माल के न आने से इसका असर सरिया-सीमेंट एवं ईंटों के दाम पर पड़ रहा है।
घर बनाने में सरिया-सीमेंट ईंट के अलावा मोरंग, गिट्टी और वायरिंग की पाइप आदि सामानों की जरूरत पड़ती है। मोरंग और गिट्टी को छोड़ दिया जाए तो अन्य सामानों की कीमतों पर पश्चिम एशिया में चल रहे जंग का खासा प्रभाव पड़ा है।
बिल्डिंग मटेरियल के विक्रेता असदुल्लाह ने बताया कि सीमेंट की जो बोरी पहले 320 रुपये में बिकती थी। अब वह 340 रुपये प्रति बोरी बिक रही है। जो सरिया फरवरी में 5400 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल थी। अब 6400 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
ईंट-भट्ठा संचालक मोहम्मद निसार ने बताया कि सिलिंडर की किल्लत से हर तरफ कोयले की मांग बढ़ गई है। पहले एक टन कोयला साढ़े नौ हजार रुपये में आता था, अब वह 11500 रुपये प्रति टन हो गया है। ऐसे में युद्ध से पहले जो ईंट 13 हजार रुपये प्रति ट्राॅली था, अब 14 हजार रुपये प्रति ट्राॅली हो गया है।
सेनेटरी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद वासिक ने बताया कि मकान बनाने के दौरान वायरिंग में लगने वाले पाइप व अन्य मेटेरियल की कीमतों में भी जंग शुरू होने के बाद से खासा इजाफा हुआ है।