फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्मी का कहर: प्रयागराज में 4 श्मशान घाटों पर 24 घंटे में 414 शवों का अंतिम संस्कार, कोरोना काल की यादें ताजा

Wed, 19 Jun 2024 12:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज के चार श्मशान घाटों पर 414 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। शृंग्वेरपुरधाम के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है। शव लेकर आने वालों की भीड़ से पैक रास्ते हो गए हैं। छतनाग घाट, रसूलाबाद घाट और दारागंज घाट पर भी देर रात तक चिताएं जलती रही।
विज्ञापन
प्रयागराज में रिकॉर्ड गर्मी से मौतों की संख्या बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तीन दिन से देश में सर्वाधिक गर्म रिकॉर्ड किए गए प्रयागराज में श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची। शृंग्वेरपुर धाम श्मशान घाट के रास्ते शव लेकर आने वालों की भीड़ से पैक हो गए। वहां दो पहिया वाहनों को खड़ा करने की भी जगह नहीं बची। मंगलवार को शहर और आसपास के चार श्मशान घाटों को मिलाकर 414 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन


शहर के दारागंज श्मशान घाट पर प्रयागराज के अलावा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के रीवा, हनुमान तक के लोग शवों के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। यहां रात के 11 बजे तक 80 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। 

घाट के लकड़ी विक्रेता राजाराम के मुताबिक, दो दिनों से श्मशान घाट पर लाए जा रहे शवों को देखकर कोरोना काल की यादें ताजा हो गईं। इसी तरह रसूलाबाद घाट पर 24 घंटे के भीतर 60 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसी तरह शृंग्वेरपुरधाम के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए चिताओं की संख्या बढ़ती गई।
विज्ञापन


मंगलवार दोपहर दो बजे तक चिताओं की संख्या 100 तक पहुंच गईं। देर रात तक यहां 150 शवों के अंतिम संस्कार किए गए। इस दौरान घाट पर लकड़ियों की भी किल्लत हो गई। इसी तरह झूंसी के छतनाग श्मशान घाट पर दो दिन के भीतर 92 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। 

श्मशान घाटों पर धधकती चिताएं प्रचंड गर्मी की गवाही दे रही थीं। पिछले दो दिनों से छतनाग श्मशान घाट पर चिता की राख ठंडी तक नहीं हो पा रही है। पिछले दो दिनों से छतनाग श्मशान घाट पर दिनरात चिताएं जलाई जा रही हैं।
विज्ञापन

गर्मी और लू लगने के कारण मरने वालों में बुजुर्ग, अधेड़ के साथ ही युवाओं की संख्या भी ज्यादा है। एक साथ भारी तादाद में चिताओं को जलाने के लिए लकड़ी तक कम पड़ जा रही है। ऐसे में आसपास के इलाकों से श्मशान घाट पर लकड़ी मंगाई जा रही है। फाफामऊ श्मशान घाट पर इस दिन 32 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें