इलाहाबाद (ब्यूरो)। जनवादी लेखक संघ की ओर से बृहस्पतिवार को वर्धा विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय में कवि ध्रुव हर्ष के काव्य संग्रह ‘ऐ जिंदगी तू रेत तो नहीं’ का विमोचन हुआ। कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ कथाकार दूधनाथ सिंह ने कहा कि कविताओं में नए लेखक की छटपटाहट स्पष्ट दिखती है। ये कविताएं आशा जगाती हैं। प्रो. संतोष भदौरिया ने कहा कि कविताएं अलग तरह की विषय वस्तु को लेकर आई हैं। कवि हरिश्चंद्र पांडेय ने कहा कि अद्यतन समय की खोज हैं ध्रुव की कविताएं। अंग्रेजी कथा लेखिका नीलम शरण ने कहा कि कविताओं में एक स्वस्थ अरुचि है जो खाद की तरह है।
कार्यक्रम में ध्रुव हर्ष ने अपने कविता संग्रह की कविताओं दर्द कलम जानती है, शब्दकोष कविता नहीं लिखती, पता है, इश्क की आंख नहीं होती और गम में हिंदू होता को लोगों ने खूब पसंद किया। इस दौरान नीलम शरण दौर की कहानी पर आधारित और ध्रुव हर्ष द्वारा निर्देशित ‘आनरेबल मेंशन’ दिखाई गई। फिल्म में भाग्यवादी दर्शन पर आधारित है। कार्यक्रम का संचालन सुधीर सिंह और धन्यवाद ज्ञापन विवेक निराला ने किया। कार्यक्रम में रामजी राय, असरार गांधी, रामप्यारे राय, हरिश्चंद्र द्विवेदी, केके राय, पद्मा राय, अनिल रंजन भौमिक समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।