दंपती की आंखों में आंसुओं का सैलाब था। मां की हथेलियां कांपतीं तो पिता चुपचाप बेटे की तस्वीर को सीधा करते मानो वह कहीं से देख रहा हो और तस्वीर टेढ़ी न लगे। वे कहते हैं, आंखें पथरा गई हैं, पर उम्मीद जिंदा है। जब तक सांस है, तलाश जारी रहेगी। उनके लिए जीवन का एकमात्र उद्देश्य अब वही है। बेटे को खोज निकालना।
मेले की चहल–पहल के बीच उनकी कहानी कई दिलों को छू गई। कुछ लोगों ने तस्वीर अपने फोन में ली, कुछ ने सोशल मीडिया पर साझा करने का भरोसा दिया, किसी ने पुलिस हेल्पडेस्क का रास्ता दिखाया। हर छोटी मदद उनके लिए बड़ा सहारा बनती गई। शाम ढलते–ढलते थकान चेहरे पर थी, मगर कदम रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मां पूनम ने बताया कि उन्होंने गंगा मैया से बेटे के लिए मनौती मांगी है। बेटा मिल जाएगा तो उसके साथ वह फिर मां गंगा में स्नान करने के लिए आएंगे।