डॉ. अनवर
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कैंसर के उपचार में होम्योपैथिक दवाएं बेहद कारगर हैं। होम्योपैथिक दवाएं कैंसर को फैलने नहीं देती हैं। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर की कोशिकाओं को कमजोर कर देती हैं। इससे मरीज की जीवन अवधि और बढ़ जाती है। इतना ही नहीं रेडियोथिरेपी, कीमोथिरेपी होने या फिर सर्जरी कराने के बाद होने वाले साइडइफेक्ट में भी राहत देती हैं। यह बातें मुंबई के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. डॉ. अनवर आमिर अंसारी ने कही। वह यहां टैगोर टाउन स्थित साईंनाथ पीजी कॉलेज में आयोजित एक शैक्षिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।
डॉ. अनवर आमिर अंसारी ने दावा किया कि होम्योपैथिक दवाएं कैंसर के उपचार में मददगार साबित हो रही हैं। वह चाहे रेडियोथिरेपी, कीमोथिरेपी या फिर सर्जरी के पहले की अवस्था हो या फिर इसके बाद की। उन्होंने बताया कि कई बार सर्जरी करने के बाद कैंसर का प्रकोप शरीर में फैलता है। ऐसी स्थिति में न तो दवाएं काम आती हैं और न ही सर्जरी। उसमें होम्योपैथिक दवाएं बेहद कारगर साबित हुई हैं। उन्होंने कई मरीजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि रेडियोथिरेपी के बाद कैंसर मरीजों को उल्टी, दस्त, पेट में तकलीफ सहित कई परेशानियां होती हैं, जबकि कीमोथिरेपी के बाद बालों का सफेद हो जाना, गंजा होना सहित कई परेशानियां होती हैं।
होम्योपैथिक में इसका कारगर उपचार है। मरीजों का उपचार उनके शरीर में होने वाले लक्षणों के आधार पर किया जाता है। कभी-कभी यह उपचार कम अवधि के लिए होता है तो कभी-कभी कोर्स पूरा करना जरूरी होता है। उन्होंने दावा किया कि अब तक सैकड़ों मरीजों को वह ठीक कर चुके हैं। भाभा कैंसर इंस्टीट्यूट ने उनके उपचार के परिणाम को देखते हुए साथ काम करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि जल्दी ही अपने उपचार विधि को देश भर के होम्योपैथिक चिकित्सकों से साझा करने की योजना बनाई है, जिससे कि कैंसर जैसी भयावह बीमारी को काबू में किया जा सके। इस दौरान संस्थान के डायरेक्टर प्रो. एसएम सिंह ने भी अपनी बात रखी।