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हंगामे के बीच निगम का बजट पास

Sun, 23 Apr 2017 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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इलाहाबाद
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नगर निगम सदन की विशेष बजट बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। दो बार सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। ऑडिट रिपोर्ट में कार्यकारिणी सदस्यों का नाम डालने की गड़बड़ी पर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। अध्यक्षता कर रहीं महापौर ने पार्षदों के प्रस्ताव पर मुख्य लेखा परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखने तथा पद से हटाने का निर्णय दिया। सदन से इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। गृहकर, स्ट्रीट लाइट, हरीभरी और सरकारी संस्थानों से बकाया वसूली मुद्दे पर तीखी बहस हुई। हंगामे के चलते दो बार सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। देर शाम हंगामे के बाद 9.95.03.23.459.00 रुपये व्यय और 9.35.03.40.000.00 आय का बजट पास कर दिया गया। इसमें अर्द्धकुंभ मेला के लिए भी चार अरब का प्रस्ताव है।
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निगम सदन की कार्रवाई दोपहर 12 बजे कोरम के अभाव में नहीं शुरू हो सकी। सदन अध्यक्ष महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी की घोषणा के बाद दोपहर 12.40 बजे वंदेमातरम गायन के साथ सदन की कार्रवाई शुरू हुई। इस बीच बजट पर चर्चा न कर पार्षदों ने हरी भरी, वंदेमातरम मुद्दे का विरोध करने वालों पर कार्रवाई आदि के मुद्दे पर अपनी बात रखी तो हंगामा बढ़ गया। सदन की कार्रवाई फिर स्थगित करनी पड़ी। 2.30 बजे फिर शुरू कार्रवाई में गृहकर के मद में 70 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ 48 करोड़ की वसूली पर तीखी चर्चा हुई। लक्ष्य घटाने की बात पर सहमति नहीं बन सकी। तय किया गया कि सरकारी भवनों पर बकाया करोड़ों रुपये वसूल कर निगम की आय बढ़ाई जा सकती है। बताया गया कि एमएनएनआईटी पर पांच और इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर एक करोड़ गृहकर बकाया है। इसकी वसूली के लिए बात चल रही है। सहमति बनी कि असेसमेंट कर नए भवनों और कॉलोनियों को कर के दायरे में लाया जाएगा। पारदर्शी व्यवस्था के तहत सभी जोन कार्यलयों में अवैध वसूली पर लगाम के लिए इस आशय का बोर्ड लगाया जाएगा कि यहां नि:शुल्क असेसमेंट होता है। विज्ञापन की नई दरों को उन पुराने एडवाटाइजर पर लागू किया जाएगा जो निम्न भुगतान कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं।

सदन का माहौल एक बार तब गरम हो गया जब मुख्य लेखा परीक्षक जंग बहादुर यादव ने मासिक आय-व्यय सार की प्रतियां वितरित कराईं। उसमें दो कार्यकारिणी सदस्यों का जिक्र तो किया गया था लेकिन पार्षदों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज पद से हटाने का निर्णय लिया गया। स्ट्रीट लाइट मुद्दे पर सदन को बताया कि एक माह के भीतर शहर के सभी 40 हजार स्ट्रीट लाइटें एलईडी से रोशन होंगी। इस मद में प्रस्तावित बजट का अनुमोदन किया गया। कैटिल कॉलोनी में पशुपालकों को भेजने के लिए शहर में दुधारू पशुओं को लाइसेंस न देने पर भी सहमति बनी।
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बैठक में नगर आयुक्त शेष मणि पांडेय, पर्यावरण अभियंता राजीव राठी, कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने कई बिंदुओं पर सदन को जानकारी दी। पार्षद शिवसेवक सिंह, सुशील यादव, गिरी बाबा, किरन जायसवाल, रेखा उपाध्याय, सोनिका अग्रवाल, नेम यादव, पुष्पा कुशवाहा, राजू शुक्ला आदि ने अपनी बात दमदारी से रखी।
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