शहर में मदन मोहन मालवीय स्टेडियम, मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज, केपी इंटर कॉलेज और इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित कई जगहों पर हॉकी के खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को छोड़कर कहीं भी प्रैक्टिस के लिए एस्ट्रोटर्फ की सुविधा नहीं है। ऐसे में बाकी जगहों पर हॉकी के खिलाड़ियों को मिट्टी पर उगी घास पर ही प्रैक्टिस करनी पड़ती है।
इससे वो जिला स्तरीय, राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रयागराज में बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए हॉकी के अच्छे खिलाड़ी तैयार हो सकें, इसके लिए एस्ट्रोटर्फ की व्यवस्था अन्य जगहों पर भी की जानी चाहिए या इविवि में ही शहर के सभी खिलाड़ियों के प्रैक्टिस की अनुमति होनी चाहिए।
मैं सातवीं कक्षा का छात्र हूं और अंडर-16 तक की हॉकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता हूं। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में प्रैक्टिस करता हूं। मिट्टी की घास पर प्रैक्टिस होने की वजह से स्थानीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेल पाते हैं, लेकिन एस्ट्रोटर्फ पर होने वाली जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार नहीं कर पा रहा हूं।
- रौनक
मैं नौवीं का छात्र हूं। वाराणसी में रहने के दौरान मैं एस्ट्रोटर्फ पर ही हॉकी खेलता रहा हूं। कई विद्यालयीय राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेल चुका हूं, लेकिन अब प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में मुझे मिट्टी की घास पर ही प्रैक्टिस करनी पड़ रही है। इससे स्किल डेवलप नहीं हो पा रही है।
- मारुति नंदन त्रिपाठी
मैं आठवीं कक्षा का छात्र हूं और स्थानीय स्तर पर कई हॉकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका हूं। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में घास पर प्रैक्टिस होती है, इससे मैं एस्ट्रोटर्फ पर होने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं में नहीं खेल पा रहा हूं। हमें भी एस्ट्रोटर्फ पर प्रैक्टिस का अवसर मिलना चाहिए।
- अर्पित पाल
मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ उपलब्ध नहीं है, लेकिन जहां उपलब्ध है, वहां सभी खिलाड़ियों को खेलने का अवसर मिलना चाहिए।
- प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
रौनक
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