निकाय चुनाव के आरक्षण के तहत सौ में से तीस वार्ड महिलाओं के लिए ही आरक्षित थे। ऐसे में इन वार्डों में महिला प्रत्याशियों को ही चुनाव लड़ना था। शनिवार की शाम तक जब सभी वार्ड का परिणाम आया तो चुनाव जीतने वाली महिला प्रत्याशियों की संख्या का आंकड़ा 46 पर पहुंच गया।
नगर निगम सदन में इस बार महिलाओं की भागीदारी में खासा इजाफा हुआ है। मिनी सदन में महिलाओं की संख्या इस बार 46 रहेगी। यानी कि यहां 46 फीसदी महिलाओं की भागीदारी रहेगी। पिछलेे सदन में कुल महिलाओं की संख्या 27 थी। ऐसे में अब उस आंकड़े में 19 महिला पार्षद की बढ़ोत्तरी हुई है।
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निकाय चुनाव के आरक्षण के तहत सौ में से तीस वार्ड महिलाओं के लिए ही आरक्षित थे। ऐसे में इन वार्डों में महिला प्रत्याशियों को ही चुनाव लड़ना था। शनिवार की शाम तक जब सभी वार्ड का परिणाम आया तो चुनाव जीतने वाली महिला प्रत्याशियों की संख्या का आंकड़ा 46 पर पहुंच गया। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार चुनाव जीतने वाले 18 निर्दलीय में से दस महिला प्रत्याशी ही रहीं। इसी तरह सत्ताधारी पार्टी भाजपा की बात करें तो चुनाव जीतने वाले कुल 56 में से 23 महिला प्रत्याशी चुनाव जीती। वहीं कांग्रेस के कुल चार प्रत्याशी चुनाव जीते और चारों ही महिला प्रत्याशी रहीं।
एआईएमआईएम से भी चुनाव जीतने वाली दोनों महिला प्रत्याशी रहीं। इसी तरह बसपा से एक महिला प्रत्याशी ने चुनाव जीता। उधर समाजवादी पार्टी से चुनाव जीतने वाली महिला प्रत्याशियों की संख्या का आंकड़ा छह का रहा। भाजपा के नामित पार्षद पवन श्रीवास्तव ने बताया कि यह पहला मौका है जब मिनी सदन में इतनी संख्या में महिलाओं की भागीदारी होने जा रही है।