highcourt rejected bail plea of cooprative secratory
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहकारी समिति घोटाले के आरोपी समिति के सचिव की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सचिव पर समिति के 15 लाख 21 हजार 916 रुपये का गबन करने का आरोप है। सचिव मो. मुस्लिम की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने सुनवाई की।
याची का कहना था कि वह अल्लापुर भीखन साधन सहकारी समिति लिमिटेड, विकासखंड कुंदरकी, मुरादाबाद का सचिव है तथा उसे गबन के आरोप में झूठा फंसाया गया है। याची का कहना था सह अभियुक्त अतर सिंह की जमानत मंजूर हो चुकी है। याची को भी जमानत पर रिहा किया जाए। वह जमानत प्रावधानों का दुरुपयोग नहीं करेगा और मुकदमे के ट्रायल में सहयोग करेगा।
जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि यदि याची को जमानत पर छोड़ा जाता है तो वह भाग सकता है या साक्ष्यों में छेड़छाड़ कर मुकदमे के विचारण को प्रभावित कर सकता है। सहअभियुक्त अतर सिंह की भूमिका इस मामले में एकदम अलग है, इसलिए समानता के आधार पर याची को जमानत नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने मुकदमे के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि मुकदमे का विचारण जल्द से जल्द पूरा किया जाए।