प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों से अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश के सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वह अपने मातहत कर्मचारियों को सपरिवार मास्क अनिवार्य रूप से पहनने की प्रतिदिन याद दिलाते रहें। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना की स्थिति की निगरानी व सिविल लाइंस प्रयागराज की पार्किंग को लेकर कायम जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को सड़क पटरी व सार्वजनिक भूमि से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। और नगर निगम व पुलिस प्रशासन को इस काम में सहयोग करने को कहा है। कोर्ट ने अभियान की शुरुआत नवाब यूसुफ रोड का अतिक्रमण हटाने से करने के लिए कहा है। कोर्ट ने नगर निगम को वेंडरों की स्थिति पर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है और आदेश दिया है कि शहर की खराब स्ट्रीट लाइटें 19 अक्तूबर तक बदल दी जाएं। साथ ही पार्किंग के संबंध में 15 अक्तूबर 19 को पारित आदेश पर अमल करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नरों के काम की सराहना की और उनको फोटो खींचने का क्रम जारी रखने का आदेश दिया है। कहा कि प्रति रिपोर्ट पर पांच सौ रुपये का उनको भुगतान किया जाए। कोर्ट ने कहा कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में कोविड व नान कोविड के लिए अलग गेट बनाया जाएं। याचिका की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।
बिना मास्क पहले व्यक्ति को खाने-पीने का सामान न दें दुकानदार
कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि वह प्रदेश के सभी नगरों के खाने का सामान बनाने व बेचने वाले दुकानदारों से लिखित आश्वासन लें कि वह कोविड नियमों का पालन करते हुए कार्य करेंगे और बिना मास्क के किसी ग्राहक को सामान नहीं देंगे और न ही उन्हें दुकान में आने देंगे। कोर्ट ने पुलिस को स्वयं मास्क पहनने और लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कराने का निर्देश दिया है।