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खराब कानून-व्यवस्था पर योगी सरकार को नोटिस

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मुंबई के अधिवक्ता के ईमेल पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
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प्रयागराज। यूपी में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को लेकर मुंबई के एक अधिवक्ता के पत्र पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। पत्र में न्यूयार्क टाइम्स में दो जनवरी 2020 व द टेलीग्राफ में 29 दिसंबर 2019 को छपी खबरों का हवाला देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में संवैधानिक व्यवस्था चरमराई हुई है इसलिए, अदालत को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच की मांग भी ईमेल में की गई है। मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने ईमेल को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई 16 जनवरी को होगी।
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कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि याची की मांग क्यों न स्वीकार कर ली जाए। पत्र में प्रदेश में संवैधानिक मूल्यों में गिरावट आने की स्थिति की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफ ए नकवी व रमेश कुमार को कोर्ट को सहयोग देने के लिए न्याय मित्र नियुक्त किया है। नकवी ने भी लखनऊ के एक अंग्रेजी अखबार की खबर कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने महानिबंधक को मुख्य न्यायाधीश के नाम आए मेल को जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसकी एक प्रति अधिवक्ता अजय कुमार को भी भेजने का निर्देश दिया है।
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