highcourt ask pda without plan how passed the house map
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) से शहर के जोनल प्लान की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पीडीए के उपाध्यक्ष और सचिव को हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि पूरे शहर का जोनल प्लान कब तक तैयार होगा। साथ ही वह भूमि प्रकृति बदलने के अधिकार देने वाले सभी शासनादेश दाखिल करें।
कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जब जोनल प्लान तैयार ही नहीं है तो किस प्लान के तहत पीडीए आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास कर रहा है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि जोन के एक हिस्से का प्लान बनाने में पांच साल की देरी क्यों की गई है। याचिका की सुनवाई चार सितंबर को होगी।
राजेंद्र प्रसाद अरोड़ा और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। पीडीए की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने मास्टर प्लान और जोनल प्लान कोर्ट में प्रस्तुत किया। उन्होंने जोनल प्लान बी 4 (1) के अनुमोदन की जानकारी दी। बताया कि शहर में सात जोन हैं। जोन बी में पांच उप जोन हैं। जिनमें से केवल एक का प्लान तैयार किया गया। जबकि उप्र नगर योजना और विकास एक्ट की धारा नौ के तहत मास्टर प्लान और जोनल प्लान एक साथ तैयार होने चाहिए।
कोर्ट ने पूछा कि मास्टर प्लान जारी होने के बाद जोनल प्लान तैयार करने में पांच वर्ष का विलंब क्यों हुआ। 2006 से 2011 के बीच किस जोनल प्लान से भवनों के नक्शे पास किए गए और बिना प्लान तैयार किए भवनों के नक्शे कैसे पास किए जा रहे हैं। कोर्ट ने इस सभी सवालों का जवाब चार सितंबर तक हलफनामा के जरिए दाखिल करने के लिए कहा है।